Summary: CM सम्राट चौधरी ने नेहरू पथ पर पटना मेट्रो निर्माण का निरीक्षण किया। 2028 तक काम पूरा करने का आदेश, JD Women's College और HC चौराहे पर FOB बनेगा।

📌 मुख्य बातें एक नज़र में

  • 2028 डेडलाइन: CM सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पटना मेट्रो रेल परियोजना 2028 तक हर हाल में पूरी करने का सख्त आदेश दिया।
  • दो फुट ओवरब्रिज (FOB): नेहरू पथ पर JD Women’s College और हाईकोर्ट चौराहे (बिहार म्यूजियम) पर दो नए फुट ओवरब्रिज बनेंगे।
  • 3 प्रमुख साइट्स पर निरीक्षण: इनकम टैक्स गोलंबर, हाई कोर्ट चौराहा और हनुमान मंदिर के पास भूमिगत टनलिंग कार्यों का स्थलीय मुआयना किया।
  • यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता: निर्माण से सड़क संकरी होने के कारण नागरिकों की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर: काम में तेजी के साथ-साथ निर्माण गुणवत्ता और सेफ्टी प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य।

पटना मेट्रो को लेकर बिहार सरकार का संकल्प और भी मजबूत हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को खुद नेहरू पथ (बेली रोड) पर जाकर मेट्रो निर्माण कार्यों का गहन जायजा लिया। (ABP Live स्रोत) निरीक्षण के बाद उन्होंने निर्माण एजेंसियों और PMRCL के शीर्ष अधिकारियों को एक स्पष्ट आदेश दिया — पटना मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण 2028 तक हर हाल में पूरा होना चाहिए।

साथ ही उन्होंने नेहरू पथ पर दो महत्वपूर्ण स्थानों पर फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाने का भी निर्देश दिया ताकि मेट्रो निर्माण के दौरान आम नागरिकों और पैदल यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। इससे पहले उद्योग और नगर विकास मंत्री द्वारा ली गई समीक्षा बैठक की जानकारी आप हमारी मंत्री नीतीश मिश्रा समीक्षा रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

तीन प्रमुख जगहों पर किया गहन निरीक्षण

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेहरू पथ पर तीन रणनीतिक स्थानों का स्थलीय दौरा किया:

  • इनकम टैक्स गोलंबर — जहां भूमिगत कॉरिडोर और यूटिलिटी री-रूटिंग का काम चल रहा है।
  • हाई कोर्ट चौराहा — बिहार म्यूजियम के समीप टनल शाफ्ट और स्टेशन संरचना का क्षेत्र।
  • हनुमान मंदिर के पास — नेहरू पथ पर भारी ट्रैफिक के बीच चल रही बैरिकेडिंग और खुदाई।

इन तीनों जगहों पर मेट्रो का भूमिगत (Underground) निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। CM ने हर स्थान पर काम की भौतिक प्रगति को देखा, नक्शों का अवलोकन किया और मौके पर मौजूद इंजीनियरों से कार्यप्रणाली की अद्यतन जानकारी ली।

नेहरू पथ राजधानी पटना की सबसे व्यस्त लाइफलाइन सड़कों में से एक है। यहां मेट्रो का अंडरग्राउंड वर्क चलने से यातायात लगातार प्रभावित होता है — इसीलिए मुख्यमंत्री का यह ऑन-ग्राउंड दौरा बेहद निर्णायक और संवेदनशील माना जा रहा है।

CM सम्राट चौधरी के 5 बड़े आदेश

निरीक्षण के बाद CM सम्राट चौधरी ने निर्माण एजेंसियों, नगर विकास विभाग और PMRCL Official के अधिकारियों को पांच महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए:

  1. 2028 तक काम पूरा करो: CM ने दो टूक शब्दों में कहा कि पटना मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण 2028 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। यह डेडलाइन अब सरकारी स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में कंफर्म की गई है।
  2. दो स्थानों पर FOB बनाओ: CM ने निर्देश दिया कि नेहरू पथ पर दो संवेदनशील स्थानों पर तुरंत फुट ओवरब्रिज बनाए जाएं —
    • JD Women’s College के ठीक सामने
    • हाईकोर्ट चौराहा — बिहार म्यूजियम के पास
    ये FOB मेट्रो निर्माण के दौरान सड़क पार करने में कॉलेज छात्राओं, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
  3. गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: CM ने स्पष्ट किया कि काम में तेजी लाने के साथ-साथ निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। रफ्तार और मजबूती दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए।
  4. नागरिकों को कम से कम परेशानी: मेट्रो निर्माण के चलते नेहरू पथ पर ट्रैफिक जाम और डायवर्जन की समस्या बनी रहती है। CM ने आदेश दिया कि यातायात प्रबंधन, सुगम आवागमन और नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
  5. नियमित निगरानी और एजेंसियों में तालमेल: निर्माण कार्यों की दैनिक और साप्ताहिक निगरानी हो तथा नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, बिजली बोर्ड और मेट्रो एजेंसी के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।

नेहरू पथ पर मेट्रो निर्माण — क्यों है सबसे बड़ी चुनौती?

नेहरू पथ (बेली रोड) पटना का हृदय स्थल है। हाईकोर्ट, सचिवालय, चिड़ियाघर, महिला कॉलेज और सरकारी दफ्तर इसी मार्ग पर स्थित हैं और यहां प्रतिदिन लाखों वाहनों व नागरिकों की आवाजाही होती है। इस सड़क के नीचे 10.5 किलोमीटर का भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है। नेहरू पथ के तकनीकी काम और स्टेशन डिजाइन की विस्तृत रिपोर्ट नेहरू पथ underground अपडेट में उपलब्ध है।

नेहरू पथ पर भूमिगत कार्य के दौरान मुख्य चुनौतियां निम्नलिखित हैं:

  • सड़क की चौड़ाई घटना: बैरिकेडिंग के कारण सड़क कई स्थानों पर संकरी हो जाती है जिससे पीक ऑवर्स में लंबा जाम लगता है।
  • Utility Shifting: भूमिगत सीवरेज, गैस पाइपलाइन, पानी और हाई-टेंशन बिजली के तारों को शिफ्ट करने में तकनीकी सावधानी बरतनी पड़ती है।
  • TBM Tunneling व सुरक्षा घेरा: टनल बोरिंग मशीन (TBM) चलने के दौरान वाइब्रेशन मॉनिटरिंग और ऐतिहासिक इमारतों के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार करना आवश्यक है।

इन तमाम चुनौतियों को देखते हुए CM का सीधे ग्राउंड पर उतरकर जायजा लेना यह साबित करता है कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को लेकर पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है।

फुट ओवरब्रिज (FOB) — आम जनता के लिए क्यों जरूरी?

JD Women’s College और हाईकोर्ट चौराहे के समीप हर रोज हजारों छात्राएं, शिक्षक, अधिवक्ता, वादी और आम नागरिक सड़क पार करते हैं। मेट्रो निर्माण के लिए लगी भारी बैरिकेडिंग के कारण सड़क पार करना अत्यंत जोखिम भरा और दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।

नए फुट ओवरब्रिज बनने से:

  • छात्राओं और पैदल यात्रियों को सुरक्षित व निर्बाध आवागमन मिलेगा।
  • सड़क पर पैदल यात्रियों के अचानक रुकने से लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।
  • मेट्रो निर्माण का कार्य नीचे बिना किसी व्यवधान के निरंतर जारी रह सकेगा।

पटना मेट्रो 2028 — क्या संभव है? निर्माण की अद्यतन स्थिति

CM सम्राट चौधरी का 2028 का लक्ष्य महत्वाकांक्षी अवश्य है, लेकिन योजनाबद्ध तरीके से काम होने पर यह पूरी तरह व्यावहारिक है। पूरे प्रोजेक्ट के फेज-वाइज अपडेट्स और डेडलाइन के लिए हमारी रिपोर्ट 2028-2030 Timeline और पूरा रूट मैप देख सकते हैं।

आइए देखते हैं कि वर्तमान में मेट्रो के विभिन्न सेक्शंस पर काम किस गति से आगे बढ़ रहा है:

मेट्रो सेक्शन वर्तमान स्थिति टारगेट समयसीमा
ISBT → मलाही पकड़ी (6.2 KM) ✅ चालू पूर्ण एवं परिचालित
खेमनीचक Interchange स्टेशन 🔄 अंतिम चरण निर्माण दिसंबर 2026
पटना जू शाफ्ट से 4 TBM लॉन्च 📅 तकनीकी तैयारी नवंबर 2026
खेमनीचक → मीठापुर (3.1 KM Elevated) 🔄 स्ट्रक्चर तैयार, ट्रैक जारी जून 2027
मलाही पकड़ी → पटना जंक्शन Underground 🔄 Tunneling व स्टेशन निर्माण 2028
दानापुर → पाटलिपुत्र (7.39 KM) ⚠️ ~70% प्रगति सितंबर 2030

2028 का टारगेट मुख्य रूप से ISBT से पटना जंक्शन तक के सबसे महत्वपूर्ण भूमिगत सेक्शन को सक्रिय करने के लिए है। मुख्यमंत्री का यह निर्देश इसी लाइफलाइन कॉरिडोर को समय पर चालू करने की प्रतिबद्धता को और दृढ़ करता है। निर्माण संबंधी राष्ट्रीय व प्रांतीय कवरेज आप Metro Rail News और प्रभात खबर पर भी देख सकते हैं।

CM सम्राट चौधरी का आधिकारिक संदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो को बिहार की राजधानी की आधुनिक परिवहन व्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी बताया। उनका स्पष्ट और कड़ा संदेश था:

"परियोजना के निर्माण में तेजी लाने के साथ-साथ कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।"

यह बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि बिहार सरकार इस परियोजना को सिर्फ एक कंक्रीट का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पटना के आम नागरिकों के जीवन स्तर और सुरक्षित आवागमन से जोड़कर देख रही है।

📌 Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक प्रशासनिक स्रोतों, प्रेस विज्ञप्तियों और CM कार्यालय के बयानों पर आधारित है। निर्माण की समयसीमाएं और साइट प्लान PMRCL तथा राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणाओं एवं तकनीकी परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तनशील हो सकते हैं। patnametro.net एक स्वतंत्र गैर-आधिकारिक सूचना पोर्टल है।

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: CM सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो के लिए क्या आदेश दिया? CM सम्राट चौधरी ने 2028 तक पटना मेट्रो का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने का सख्त आदेश दिया। साथ ही नेहरू पथ पर JD Women’s College और हाईकोर्ट चौराहे के पास दो नए फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाने का निर्देश दिया।
Q2: CM ने नेहरू पथ पर किन जगहों का निरीक्षण किया? CM ने इनकम टैक्स गोलंबर, हाई कोर्ट चौराहा और हनुमान मंदिर के पास मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया।
Q3: नेहरू पथ पर फुट ओवरब्रिज कहां बनेगा? नेहरू पथ पर दो प्रमुख स्थानों — JD Women’s College के सामने और हाईकोर्ट चौराहा (बिहार म्यूजियम के पास) पर फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे ताकि पैदल यात्री और छात्राएं सुरक्षित सड़क पार कर सकें।
Q4: पटना मेट्रो 2028 तक कहां तक पूरी होगी? 2028 तक मुख्यतः ISBT से पटना जंक्शन तक का संपूर्ण भूमिगत सेक्शन (Blue Line Corridor-2) पूरा होने का लक्ष्य है, जिसमें PMCH, गांधी मैदान और पटना विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल होंगे।
Q5: नेहरू पथ के नीचे मेट्रो का कितना काम बाकी है? नेहरू पथ के नीचे 10.5 किलोमीटर का अंडरग्राउंड कॉरिडोर बन रहा है। नवंबर 2026 में पटना जू शाफ्ट से 4 TBM (टनल बोरिंग मशीनें) उतारी जाएंगी जो रुकनपुरा और पटना जंक्शन दोनों दिशाओं में टनल की खुदाई करेंगी।
Q6: CM के निरीक्षण के बाद ट्रैफिक पर क्या असर होगा? CM ने यातायात प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया है। FOB बनने से सड़क पर पैदल यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित होगी और निर्माण के बावजूद ट्रैफिक फ्लो में सुधार होगा।