Summary: पटना की सबसे व्यस्त सड़क नेहरू पथ (बेली रोड) के नीचे 10.5 किमी लंबे अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर पर काम तेज हो गया है। रुकनपुरा में D-Wall नींव का निर्माण जारी है और नवंबर 2026 में पटना जू शाफ्ट से 4 TBM मशीनें एक साथ उतारी जाएंगी।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- रुकनपुरा D-Wall निर्माण: रुकनपुरा मेट्रो स्टेशन पर डायफ्राम वॉल और भारी क्रेन से स्टील री-इन्फोर्समेंट केज उतारने का काम तेज।
- 4 TBM की लॉन्चिंग: नवंबर 2026 में पटना जू शाफ्ट से 4 टनल बोरिंग मशीनें एक साथ उतरेंगी (2 पटना जंक्शन की ओर, 2 रुकनपुरा की ओर)।
- 10.5 KM अंडरग्राउंड रूट: मीठापुर से रुकनपुरा तक 6 अंडरग्राउंड स्टेशन (पटना जू, विकास भवन, पटना जंक्शन, राजा बाजार, विद्युत भवन, रुकनपुरा)।
- 5.2 KM टनल पूरी: मोइन-उल-हक स्टेडियम से पटना जंक्शन तक अप लाइन में 5.2 किलोमीटर सुरंग पहले ही पूरी हो चुकी है।
- जू टनल अलाइनमेंट बदलाव: चिड़ियाघर परिसर से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए सुरंग का रास्ता नेहरू पथ के नीचे थोड़ा शिफ्ट किया गया है।
पटना की सबसे व्यस्त सड़क नेहरू पथ के नीचे एक बड़ा बदलाव आने वाला है। इस सड़क के नीचे 10.5 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है जो शहर के केंद्रीय हिस्से को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। इस काम को अब रफ्तार मिल रही है — एक तरफ रुकनपुरा में नींव का काम तेज है, तो दूसरी तरफ नवंबर में एक साथ चार TBM उतारने की तैयारी चल रही है।
रुकनपुरा स्टेशन: स्टील केज से बन रही है अंडरग्राउंड नींव
रुकनपुरा मेट्रो स्टेशन पर इस वक्त डायफ्राम वॉल (Diaphragm Wall) बनाने का काम चल रहा है। यह किसी भी अंडरग्राउंड स्टेशन की सबसे पहली और सबसे जरूरी प्रक्रिया होती है।
साइट पर बड़ी-बड़ी स्टील री-इन्फोर्समेंट केज को भारी क्रेन से जमीन के अंदर उतारा जा रहा है। इंजीनियर हर केज की पोजिशन और अलाइनमेंट को ध्यान से जांचते हैं — एक मिलीमीटर की गलती भी बाद में बड़ी समस्या बन सकती है।
ये स्टील केज ही डायफ्राम वॉल की रीढ़ बनते हैं। इनके चारों तरफ कंक्रीट डाली जाती है जो एक मजबूत दीवार बन जाती है। यही दीवार जमीन की खुदाई के दौरान बाहर की मिट्टी और पानी को अंदर आने से रोकती है और पूरे स्टेशन के ढांचे को सुरक्षित रखती है।
डी-वॉल का काम पूरा होने के बाद excavation शुरू होगी — यानी स्टेशन के लिए जमीन खोदी जाएगी। फिर धीरे-धीरे स्टेशन का पूरा box structure खड़ा होगा।
नवंबर में पटना जू शाफ्ट से 4 TBM एक साथ उतरेंगी
रुकनपुरा के साथ-साथ इस पूरे underground section का सबसे बड़ा काम नवंबर में होने वाला है। पटना जू के पास बने मेट्रो शाफ्ट से एक साथ चार टनल बोरिंग मशीनें (TBM) उतारी जाएंगी।
इन चार TBM का काम इस तरह बंटा होगा:
- दो TBM पूर्व दिशा में → पटना जंक्शन की तरफ — अप लाइन और डाउन लाइन टनल बनाएंगी
- दो TBM पश्चिम दिशा में → रुकनपुरा की तरफ — अप लाइन और डाउन लाइन टनल बनाएंगी
दो दिशाओं से एक साथ काम होने का फायदा यह है कि समय की बचत होती है और पूरे section का निर्माण तेजी से आगे बढ़ता है।
इसके साथ ही इंजीनियरों ने पटना जू के पास tunnel alignment में एक छोटा बदलाव किया है। सुरंग का रास्ता थोड़ा shift किया गया है ताकि यह जू परिसर से उचित दूरी बनाए रखे — लेकिन मुख्य सड़क (नेहरू पथ) के नीचे ही रहे।
10.5 KM Underground Section में 6 स्टेशन
यह पूरा अंडरग्राउंड सेक्शन मीठापुर से रुकनपुरा तक है और इसकी कुल लंबाई 10.5 किलोमीटर है। यह पूरा हिस्सा नेहरू पथ (जिसे बरेली रोड भी कहते हैं) के नीचे से गुजरेगा।
इस पूरे underground stretch पर 6 स्टेशन बनाए जाएंगे:
| क्रम | स्टेशन | विशेषता / वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| 1 | पटना जू | शाफ्ट तैयार, TBM नवंबर में उतरेंगी |
| 2 | विकास भवन | निर्माण जारी |
| 3 | पटना जंक्शन | Interchange Station (Red + Blue Line) |
| 4 | राजा बाजार | निर्माण जारी |
| 5 | विद्युत भवन | निर्माण जारी |
| 6 | रुकनपुरा | D-Wall काम चल रहा |
पटना जंक्शन इस पूरे underground section का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन होगा — यहां यात्री Red Line और Blue Line के बीच आसानी से switch कर सकेंगे।
5.2 KM टनल पहले ही तैयार — मोइन-उल-हक से जंक्शन तक
इस खबर के साथ एक और उपलब्धि आई है। मोइन-उल-हक स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन तक अप लाइन में करीब 5.2 किलोमीटर की टनल पहले ही पूरी हो चुकी है।
यह काम PC-03 पैकेज के तहत 9वें TBM ब्रेकथ्रू के साथ पूरा हुआ। यानी नवंबर में जब जू शाफ्ट से नई TBM उतरेंगी, तब तक जंक्शन के एक तरफ (मोइन-उल-हक की ओर) टनल पहले से तैयार होगी। दोनों तरफ से काम एक साथ आगे बढ़ रहा है।
यात्रियों के लिए क्या मतलब है?
जब यह पूरा Mithapur-Rukanpura underground section चालू होगा, तब:
- पटना का केंद्रीय हिस्सा — जंक्शन, विकास भवन, विद्युत भवन, राजा बाजार — मेट्रो से सीधे जुड़ जाएगा
- Blue Line के elevated sections — खेमनीचक, जीरो माइल, भूतनाथ, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल — से connectivity मिलेगी
- पटना के पूर्वी elevated stretch से central city core तक एक uninterrupted metro journey संभव होगी
गौरतलब है कि Blue Line के ये elevated stations October 2025 से July 2026 के बीच क्रमशः खुले हैं। अब underground Red Line section के पूरा होने पर पूरा नेटवर्क एक साथ जुड़ेगा।
हालांकि PMRCL ने इस underground segment के commissioning की कोई official date अभी घोषित नहीं की है।
एक नज़र में — पटना मेट्रो निर्माण की मौजूदा स्थिति
| काम | स्थिति |
|---|---|
| मोइन-उल-हक → जंक्शन (5.2 KM अप टनल) | ✅ पूरी |
| रुकनपुरा D-Wall | 🔄 जारी |
| जू शाफ्ट → जंक्शन + रुकनपुरा TBM | 📅 नवंबर 2026 |
| खेमनीचक-मीठापुर ट्रैक टेंडर | 🔄 प्रक्रिया जारी |
| Blue Line elevated sections | ✅ Oct 2025 - July 2026 से चालू |
📌 Disclaimer: यह जानकारी Dainik Bhaskar और Metro Rail News के सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित है। निर्माण की समयसीमा PMRCL की आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार बदल सकती है।