Summary: पटना मेट्रो के दानापुर-पाटलिपुत्र 7.39 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण में 3 साल की देरी हुई है और इसकी नई डेडलाइन सितंबर 2030 तय की गई है। वहीं पटना मेट्रो का पहला इंटरचेंज स्टेशन खेमनीचक अब अक्टूबर के बजाय दिसंबर 2026 तक चालू होगा।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- दानापुर-पाटलिपुत्र 3 साल देरी: 7.39 KM लंबे सेक्शन का मूल लक्ष्य सितंबर 2027 था, अब नई समयसीमा सितंबर 2030 तय की गई है।
- 70% कार्य संपन्न: दानापुर, सगुना मोड़ और RPS मोड़ एलिवेटेड स्टेशनों पर निर्माण जारी, शेष 30% जटिल कार्य में समय लग रहा है।
- खेमनीचक इंटरचेंज: पहला इंटरचेंज स्टेशन अब 2 महीने विस्तार के साथ दिसंबर 2026 तक चालू होने का लक्ष्य।
- खेमनीचक-मीठापुर रूट: 3.1 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन जून 2027 तक चालू होने का लक्ष्य।
- राजेंद्र नगर व पटना जंक्शन: दोनों प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशनों पर फिनिशिंग और इंटीरियर का काम 2027 की शुरुआत से तेज होगा।
पटना मेट्रो से जुड़ी एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दानापुर-पाटलिपुत्र सेक्शन का निर्माण 2027 के अपने मूल लक्ष्य से चूक गया है और अब इसकी नई समयसीमा सितंबर 2030 तय की गई है — यानी पूरे तीन साल की देरी। (Patna Press रिपोर्ट)
क्या है पूरा मामला?
यह 7.39 किलोमीटर लंबा सेक्शन मूल रूप से सितंबर 2027 तक पूरा होना था। लेकिन अभी तक केवल लगभग 70% काम ही पूरा हो सका है, जिसके कारण समयसीमा बढ़ानी पड़ी है।
70% काम पूरा होना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है — लेकिन बाकी 30% काम में जो तकनीकी और भूमिगत जटिलताएं हैं, वो काफी समय ले रही हैं।
अभी कहां चल रहा है काम?
वर्तमान में दानापुर, सगुना मोड़ और RPS मोड़ के elevated stations पर तेजी से निर्माण जारी है। RPS मोड़ से पाटलिपुत्र स्टेशन के बीच भी काम चल रहा है — जहां slab installation और station construction का कार्य अभी बाकी है।
यह सारा काम पूरा होने के बाद पाटलिपुत्र और रुकनपुरा के बीच एक रैंप (ramp) बनाया जाएगा जो elevated section को underground tunnel से जोड़ेगा।
मेट्रो PRO अर्चना खुशी ने बताया कि civil construction का काम युद्धस्तर पर जारी है और एक बार civil work पूरा होने के बाद escalators, lifts और अन्य आधुनिक station facilities लगाने का काम तेजी से शुरू किया जाएगा।
पूरा नेटवर्क कितना बड़ा होगा?
पटना मेट्रो एक 32.5 किलोमीटर का व्यापक नेटवर्क है जो पटना सिटी से दानापुर के बीच बनाया जा रहा है। इसे दो corridors में बांटा गया है:
- Corridor-1 (Red Line): कुल 17.93 KM लंबा (7.39 KM elevated और 10.54 KM underground track)
- Corridor-2 (Blue Line): कुल 14.55 KM लंबा (6.63 KM elevated और 7.92 KM underground track)
वर्तमान में मेट्रो सेवा 6.2 किलोमीटर के प्रायोरिटी नेटवर्क पर सफलता से चल रही है — जो न्यू ISBT, Zero Mile, भूतनाथ और मलाही पकड़ी स्टेशनों के बीच संचालित है। विस्तृत रूट और स्टेशन देखने के लिए आप हमारा पटना मेट्रो रूट मैप देख सकते हैं।
खेमनीचक — अक्टूबर से दिसंबर हुआ Target
एक और बड़ी खबर सामने आई है — पटना मेट्रो का पहला interchange station खेमनीचक अब दिसंबर 2026 तक operational होगा। इसका पहले का target अक्टूबर 2026 था, लेकिन निर्माण में देरी के कारण समयसीमा दो महीने आगे बढ़ाई गई है।
खेमनीचक स्टेशन तब यात्रियों के लिए खुलेगा जब मलाही पकड़ी और मीठापुर दोनों routes पर बुनियादी काम और ट्रैक टेस्टिंग पूरी हो जाएगी।
राजेंद्र नगर और पटना जंक्शन पर नया अपडेट
राजेंद्र नगर और पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशनों पर finishing work नए साल से शुरू होने की उम्मीद है। यानी 2027 की शुरुआत से इन दोनों प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशनों पर interior, architectural finishing और MEP (Mechanical, Electrical & Plumbing) का काम तेज होगा।
पटना जंक्शन पर एक विशाल तीन मंजिला (3-level) underground interchange station बनाया जा रहा है जो Red और Blue दोनों lines को सीधे जोड़ेगा।
खेमनीचक-मीठापुर Section — जून 2027 Target
खेमनीचक और मीठापुर के बीच 3.1 किलोमीटर का elevated section जून 2027 तक चालू होने का target रखा गया है।
इसके अलावा राजेंद्र नगर और मलाही पकड़ी के बीच रैंप का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताई गई है।
पूरी Timeline — एक नज़र में
| सेक्शन / प्रोजेक्ट | पुरानी डेडलाइन | नई डेडलाइन | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|---|
| दानापुर-पाटलिपुत्र (7.39 KM) | सितंबर 2027 | सितंबर 2030 | ~70% पूरा |
| खेमनीचक इंटरचेंज | अक्टूबर 2026 | दिसंबर 2026 | निर्माण जारी |
| खेमनीचक-मीठापुर (3.1 KM) | — | जून 2027 | शुरुआती चरण |
| राजेंद्र नगर-मलाही पकड़ी रैंप | — | दिसंबर 2026 | जारी |
| राजेंद्र नगर + जंक्शन फिनिशिंग | — | 2027 की शुरुआत | जल्द शुरू |
📌 Disclaimer: यह जानकारी Patna Press (27 सितंबर 2026) और PMRCL के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। निर्माण की समयसीमाएं PMRCL की आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार बदल सकती हैं।