Summary: पटना मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिसंबर 2026 तक तीन नई 6-कोच ट्रेनें पटना मेट्रो के बेड़े में शामिल होंगी। ये ट्रेनें पुणे से आएंगी और इन्हें लगभग ₹63 करोड़ की लागत पर लीज पर लिया जाएगा। हर नई ट्रेन एक बार में 1,800 यात्री ले जा सकेगी, जो मौजूदा 3-कोच ट्रेन की 940 क्षमता से लगभग दोगुनी है।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- 3 नई 6-कोच ट्रेनें: दिसंबर 2026 तक पटना मेट्रो के बेड़े में 18 नए कोच जुड़ेंगे।
- क्षमता लगभग दोगुनी: हर ट्रेन में 1800 यात्री क्षमता (बैठे और खड़े) — वर्तमान 940 से 860 अधिक।
- पुणे मेट्रो से लीज: ₹63 करोड़ की लागत से Titagarh Rail Systems द्वारा निर्मित ट्रेनें लीज पर आ रही हैं।
- Standard Gauge और 25 kV AC: ट्रैक और पावर स्पेसिफिकेशन समान होने से बिना किसी बड़े बदलाव के संचालन संभव।
- कॉरिडोर 1 पर संचालन: खेमनीचक से मीठापुर एलिवेटेड सेक्शन तैयार होने पर इन ट्रेनों की सबसे अधिक आवश्यकता होगी।
- पुणे मेट्रो ED का पटना दौरा: हेमंत सोनावणे ने पटना डिपो, सुरक्षा व्यवस्था और स्टेशनों का निरीक्षण किया।
पटना मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिसंबर 2026 तक तीन नई 6-कोच ट्रेनें पटना मेट्रो के बेड़े में शामिल होंगी। ये ट्रेनें पुणे से आएंगी और इन्हें लगभग ₹63 करोड़ की लागत पर लीज पर लिया जाएगा।
सबसे बड़ी बात — हर नई ट्रेन एक बार में 1800 यात्री ले जा सकेगी। मौजूदा 3-कोच ट्रेन में यह क्षमता सिर्फ 940 यात्रियों की है। यानी यात्रियों को ले जाने की क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी।
अभी कौन सी ट्रेन चल रही है?
पटना मेट्रो अभी जो ट्रेन चला रही है वो 3-कोच की है और वह भी पुणे मेट्रो से ही लीज पर ली गई है। मध्य 2025 में बिहार कैबिनेट ने इस लीज व्यवस्था के लिए ₹21.15 करोड़ मंजूर किए थे।
यह 3-कोच ट्रेन एक बार में करीब 940 यात्री ले जा सकती है — बैठे और खड़े दोनों मिलाकर। वर्तमान में यह न्यू आईएसबीटी (पाटलिपुत्र बस टर्मिनल) से मलाही पकड़ी तक 6.3 किलोमीटर के एलिवेटेड सेक्शन पर सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
नई 6-कोच ट्रेन क्यों और कहां से?
Titagarh Rail Systems Limited ने ये आधुनिक 6-कोच ट्रेनें मूल रूप से पुणे मेट्रो के लिए बनाई थीं। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PMRCL) ने इन्हें लीज पर लेने का रणनीतिक फैसला किया क्योंकि:
- Standard Gauge Track: पुणे और पटना दोनों में 1435 mm का स्टैंडर्ड गेज ट्रैक इस्तेमाल होता है।
- 25 kV AC Traction: दोनों मेट्रो प्रणालियों में 25 kV AC ओवरहेड पावर केबल सिस्टम मौजूद है, जिससे ट्रेन बिना किसी बड़े तकनीकी फेरबदल के तुरंत पटरी पर दौड़ सकती है।
- तैयार स्टॉक (Ready Stock): नई ट्रेन निर्माण का ऑर्डर देने पर डिलीवरी में सालों लगते हैं, जबकि यह लीज व्यवस्था महज कुछ महीनों में रोलिंग स्टॉक उपलब्ध करा देगी।
PMRCL ने इसे एक बेहद व्यावहारिक "Practical Bridge Solution" बताया है जो बिना लंबे इंतजार के नेटवर्क की क्षमता को तत्काल विस्तार देगा।
क्षमता की तुलना — एक नज़र में
| ट्रेन प्रकार | कोच संख्या | यात्री क्षमता (प्रति ट्रेन) |
|---|---|---|
| मौजूदा ट्रेन (अभी चल रही) | 3 कोच | ~940 यात्री |
| नई ट्रेन (दिसंबर 2026) | 6 कोच | ~1800 यात्री |
| शुद्ध वृद्धि (Difference) | +3 कोच | +860 यात्री (लगभग दोगुना) |
तीनों नई 6-कोच ट्रेनें मिलाकर कुल 18 नए कोच पटना मेट्रो के रोलिंग स्टॉक बेड़े में जुड़ेंगे।
कहां चलेंगी ये नई ट्रेनें?
ये 6-कोच ट्रेनें मुख्य रूप से Corridor 1 (Red Line) के एलिवेटेड सेक्शंस पर चलाई जाएंगी। यानी जब खेमनीचक से मीठापुर तक एलिवेटेड सेक्शन तैयार होगा, तब भारी भीड़ संभालने के लिए इन 6-कोच ट्रेनों की आवश्यकता सबसे अधिक होगी।
फिलहाल Corridor 2 (Blue Line) के एलिवेटेड सेक्शन पर भी इनकी डिप्लॉयमेंट पूरी तरह संभव है, क्योंकि दोनों लाइनों पर रोलिंग स्टॉक डायमेंशन और पावर अरेंजमेंट एक समान है। टिकट दरों और यात्रा योजना के लिए आप हमारा पटना मेट्रो किराया और कार्ड गाइड देख सकते हैं।
पुणे मेट्रो ED का पटना दौरा — क्या देखा?
इसी ट्रेन लीज और तकनीकी सहयोग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में पुणे मेट्रो के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) हेमंत सोनावणे ने पटना मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों, ट्रेनों और डिपो का विस्तृत दौरा किया।
इस उच्चस्तरीय तकनीकी दौरे के दौरान उन्होंने निम्नलिखित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया:
- ट्रेनों के भीतर आधुनिक यात्री सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा इंतजाम (Safety Arrangements)
- एलिवेटेड स्टेशनों पर ऑपरेशनल सिस्टम्स, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन और पैसेंजर सुविधाएं
- पटना मेट्रो की ऑपरेशंस और मेंटेनेंस (O&M) टीमों के साथ विस्तृत तकनीकी संवाद
सोनावणे ने पटना मेट्रो की तकनीकी टीम के साथ दैनिक ट्रेन संचालन (Daily Train Operations), रखरखाव और मेंटेनेंस प्रोटोकॉल के व्यवहारिक अनुभव साझा किए। यह दौरा दोनों मेट्रो प्रणालियों के बीच नॉलेज शेयरिंग का अहम हिस्सा था — और यह पुष्टि करता है कि दोनों शहरों के बीच तकनीकी समन्वय कितनी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में मंत्री नीतीश मिश्रा ने भी डिपो का दौरा किया था और समयबद्ध विस्तार पर बल दिया था।
यात्रियों को क्या होगा सीधा फायदा?
दिसंबर 2026 में जब ये 6-कोच ट्रेनें पटरियों पर उतरेंगी, तब दैनिक यात्रियों को निम्नलिखित प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे:
कॉरिडोर 1 के अन्य प्रमुख हिस्सों में भी काम तेज गति से जारी है, जैसे रुकनपुरा स्टेशन डायफ्राम वॉल का निर्माण और पटना जंक्शन 3-लेवल अंडरग्राउंड इंटरचेंज की तैयारियां।
आगे क्या? पटना मेट्रो आगामी Roadmap
| समय सीमा (Target) | प्रमुख विकास कार्य / मील का पत्थर |
|---|---|
| अक्टूबर 2026 | खेमनीचक स्टेशन का संचालन शुरू होने की उम्मीद |
| दिसंबर 2026 | 3 नई 6-कोच ट्रेनें पुणे से पटना पहुंचेंगी (फ्लीट विस्तार) |
| जून 2027 | खेमनीचक → मीठापुर एलिवेटेड सेक्शन का संचालन |
| वर्ष 2028 | मलाही पकड़ी → पटना जंक्शन भूमिगत (Underground) सेक्शन |
📌 Disclaimer: यह जानकारी Metro Rail News, Construction World और Patna Press के सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। लीज की शर्तें, ट्रेन डिलीवरी टाइमलाइन और ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट PMRCL तथा Titagarh Rail Systems की आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार परिवर्तनशील हैं।