Summary: पटना मेट्रो खेमनीचक से मीठापुर तक बढ़ेगी। 6 बोगी की 3 नई ट्रेनें पुणे से दिसंबर तक आएंगी। ₹628 करोड़ मंजूर, खेमनीचक अक्टूबर में खुलेगा, टनल नवंबर तक — पूरी जानकारी यहां।
पटना मेट्रो रुकने वाली नहीं है। जिस रफ्तार से पिछले एक साल में काम आगे बढ़ा है उसे देखकर यह साफ समझ आता है कि यह प्रोजेक्ट अब सिर्फ वादों की कागजी दुनिया में नहीं बल्कि जमीन पर और जमीन के नीचे दोनों जगह तेजी से आकार ले रहा है।
अब एक और बड़ी खबर आई है। पटना मेट्रो का विस्तार खेमनीचक से मीठापुर तक किया जा रहा है। इसके साथ ही पहली बार 6 बोगी वाली मेट्रो ट्रेनें आने की तैयारी है और राज्य सरकार ने पूरे प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए ₹628.32 करोड़ की बड़ी राशि मंजूर की है।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- विस्तार: खेमनीचक से मीठापुर तक 3.1 किमी का नया एलिवेटेड ट्रैक।
- ट्रेन अपडेट: पुणे से लीज पर आएंगी 6 बोगी वाली 3 नई ट्रेनें (दिसंबर 2026 तक आगमन)।
- बजट मंजूरी: बिहार सरकार द्वारा ₹628.32 करोड़ की राशि को हरी झंडी।
- खेमनीचक स्टेशन: अक्टूबर 2026 में यात्रियों के लिए खुलेगा।
- अंडरग्राउंड टनल: मलाही पकरी से पटना जंक्शन तक टनल का काम नवंबर 2026 तक पूरा होगा।
खेमनीचक से मीठापुर — 3.1 किलोमीटर का नया एलिवेटेड ट्रैक
खेमनीचक और मीठापुर के बीच 3.1 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाया जा रहा है। इस पूरे खंड पर चार स्टेशन होंगे — मीठापुर, रामकृष्ण नगर, जगनपुरा और खेमनीचक।
अच्छी खबर यह है कि इस हिस्से का सुपर स्ट्रक्चर यानी ऊपरी ढांचा पहले ही तैयार हो चुका है। अब स्टेशनों का निर्माण चल रहा है और सिविल वर्क, ट्रैक बिछाने, लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
इस पूरे कॉरिडोर को जून 2027 तक यात्रियों के लिए चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
6 बोगी वाली ट्रेनें — क्षमता दोगुनी होगी
अब तक पटना मेट्रो में 3 बोगी की ट्रेनें चल रही हैं। लेकिन जैसे-जैसे नेटवर्क बढ़ेगा और यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, 3 बोगी की ट्रेन काफी नहीं होगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी PMRCL ने 6 बोगी वाले तीन ट्रेन सेट के लिए पुणे मेट्रो को ऑर्डर दिया है। इन्हें तीन साल की लीज पर लिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक ये नई ट्रेनें दिसंबर 2026 तक पटना पहुंचने की उम्मीद है।
6 बोगी की ट्रेन आने के बाद एक साथ ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे और पीक आवर में जो भीड़ की दिक्कत होती है वो भी काफी हद तक कम होगी।
यह भी दिलचस्प बात है कि पटना मेट्रो ने पहले भी पुणे मेट्रो से ट्रेन लीज पर ली थी — अक्टूबर 2025 में जब पहली सेवा शुरू हुई तब भी पुणे की ही Titagarh trainset इस्तेमाल की गई थी।
₹628.32 करोड़ की मंजूरी — दो बड़े कामों को मिलेगी रफ्तार
बिहार राज्य सरकार ने पटना मेट्रो के निर्माण और संचालन के लिए ₹628.32 करोड़ की राशि को हरी झंडी दी है।
यह पैसा दो प्रमुख कामों पर खर्च होगा:
- पहला — खेमनीचक-मीठापुर एलिवेटेड कॉरिडोर को जून 2027 तक पूरा करना।
- दूसरा — मलाही पकरी से पटना जंक्शन तक के अंडरग्राउंड खंड के निर्माण में तेजी लाना। यह पटना मेट्रो का सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हिस्सा है क्योंकि इसमें शहर के सबसे घने इलाकों के नीचे से 7 भूमिगत स्टेशन बनाने हैं।
मलाही पकरी से पटना जंक्शन — नवंबर तक पूरा होगा टनल का काम
मलाही पकरी से पटना जंक्शन के बीच 10.54 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड हिस्से पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पूरे खंड में करीब 100 मीटर की टनल का काम अभी बाकी है जिसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस अंडरग्राउंड खंड में सात स्टेशन आते हैं:
राजेंद्र नगर → मोइनुल हक स्टेडियम → पटना विश्वविद्यालय → PMCH → गांधी मैदान → अकाशवाणी → पटना जंक्शन
टनल का काम पूरा होने के बाद अगला काम स्टेशनों की फिनिशिंग, ट्रैक बिछाना, सिग्नलिंग और बिजली का काम होगा। पूरे इस हिस्से को 2028 तक चालू करने की योजना है।
खेमनीचक — अक्टूबर में यात्रियों के लिए खुलेगा
पटना मेट्रो का सबसे अहम स्टेशन — खेमनीचक — जल्द ही यात्रियों के लिए खुलने वाला है। अधिकारियों के मुताबिक इसे अक्टूबर 2026 में चालू करने की तैयारी है।
खेमनीचक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तीन मंजिला स्टेशन होगा जहां Corridor-1 (Red Line) and Corridor-2 (Blue Line) दोनों के यात्री आपस में ट्रेन बदल सकेंगे। यानी एक ही स्टेशन से दानापुर जाना हो या पटना जंक्शन — दोनों संभव होगा।
खेमनीचक के खुलने के बाद पटना मेट्रो का 6.5 किलोमीटर का पूरा प्रायोरिटी कॉरिडोर यात्रियों के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा।
रुकनपुरा-दानापुर और पटना जंक्शन खंड पर भी काम जारी
Red Line के बाकी हिस्सों पर भी काम चल रहा है। पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू हो रहा है और रुकनपुरा से दानापुर तक एलिवेटेड कॉरिडोर बन रहा है।
हालांकि पटना जंक्शन से मीठापुर को जोड़ने वाली अंडरग्राउंड टनल का काम अभी शुरू होना बाकी है। इस हिस्से की टेंडर और प्लानिंग प्रक्रिया चल रही है।
पूरी परियोजना — कितनी बड़ी है?
पटना मेट्रो की पूरी परियोजना 32.50 किलोमीटर लंबी है जो दानापुर से पटना सिटी तक फैली है। इसमें दो कॉरिडोर, एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों खंड और कुल 24 से अधिक स्टेशन शामिल हैं।
| मील का पत्थर (Milestone) | लक्ष्य (Target Timeline) |
|---|---|
| खेमनीचक इंटरचेंज खुलेगा | अक्टूबर 2026 |
| मलाही पकरी-PJ टनल पूरी होगी | नवंबर 2026 |
| 6 बोगी ट्रेनें पटना पहुंचेंगी | दिसंबर 2026 |
| खेमनीचक-मीठापुर कॉरिडोर | जून 2027 |
| मलाही पकरी-PJ खंड चालू | 2028 |
| पूरा नेटवर्क तैयार | 2030 (अनुमान) |
यात्रियों को क्या मिलेगा?
इन सभी अपडेट का असली मतलब पटना के आम यात्री के लिए इस तरह समझें:
अक्टूबर 2026 में खेमनीचक खुलते ही Blue Line पर 5 स्टेशन चालू हो जाएंगे। दिसंबर 2026 में 6 बोगी की ट्रेनें आते ही एक बार में दोगुने यात्री सफर कर सकेंगे। जून 2027 में मीठापुर, रामकृष्ण नगर और जगनपुरा के लोगों को भी मेट्रो मिल जाएगी। और 2028 तक गांधी मैदान, PMCH, पटना विश्वविद्यालय और पटना जंक्शन भी जुड़ जाएंगे।
धीरे-धीरे सही लेकिन पटना मेट्रो एक बड़े नेटवर्क की तरफ बढ़ रही है।
निष्कर्ष
खेमनीचक से मीठापुर तक विस्तार, 6 बोगी की नई ट्रेनें, ₹628 करोड़ की सरकारी मंजूरी और नवंबर तक टनल पूरी होने का टारगेट — ये सब मिलकर बताते हैं कि पटना मेट्रो का भविष्य मजबूत हाथों में है।
जो शहर कभी ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता था वो अब धीरे-धीरे एक ऐसे शहर में बदल रहा है जहां मेट्रो से घर से दफ्तर, दफ्तर से बाजार और बाजार से रेलवे स्टेशन — सब कुछ आसान हो जाएगा।