Summary: पटना मेट्रो का जुलाई 2026 अपडेट — 6.2 KM ऑपरेशनल नेटवर्क, 4 एक्टिव स्टेशन, TBM 7वां ब्रेकथ्रू, Red Line निर्माण और 2030 तक का पूरा रोडमैप।

अगर आप पटना में रहते हैं और मेट्रो को लेकर यह जानना चाहते हैं कि अभी क्या चल रहा है, कौन सा स्टेशन कब खुलेगा, Red Line कब तक आएगी और अंडरग्राउंड काम कहां तक पहुंचा — तो यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है।

जुलाई 2026 पटना मेट्रो के लिए एक बेहद अहम महीना रहा है। एक नया स्टेशन खुला, जमीन के नीचे TBM (Tunnel Boring Machine) मशीनों ने नई कामयाबी हासिल की, Red Line पर काम रफ्तार पकड़ रहा है और पूरे शहर में मेट्रो को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।

📌 मुख्य बातें एक नज़र में

  • नेटवर्क का विस्तार: अब कुल ऑपरेशनल नेटवर्क 6.2 किलोमीटर हो गया है।
  • आधिकारिक उद्घाटन: 2 जुलाई 2026 को मलाही पकरी स्टेशन का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री समरात चौधरी द्वारा किया गया।
  • अंडरग्राउंड प्रोग्रेस: Blue Line पर TBM मशीनों ने 7वां ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक हासिल किया।
  • Red Line अपडेट: दानापुर से खेमनीचक के बीच 14 स्टेशनों वाली रेड लाइन का निर्माण 2027-28 तक पूरा होने की उम्मीद है।
  • किराया और रूट: न्यूनतम ₹10 और अधिकतम ₹30 का किराया (न्यू आईएसबीटी से मलाही पकरी तक)।

2 जुलाई 2026 — मलाही पकरी खुला, पटना मेट्रो ने पार किया नया पड़ाव

बिहार के मुख्यमंत्री समरात चौधरी ने पटना मेट्रो के विस्तारित खंड का उद्घाटन किया। CM ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के सभी चरणों के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और काम समयसीमा के भीतर पूरा हो। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और जनता को कम से कम परेशानी हो। (Wikipedia)

Blue Line का पहला हिस्सा — Patliputra Bus Terminal (New ISBT) से Bhootnath तक — अक्टूबर 2025 में खुला था। अब 2 जुलाई 2026 को Malahi Pakri तक का विस्तार हुआ। (Pmrconline)

अभी कितना नेटवर्क चालू है?

इस विस्तार के बाद यात्री अब ऑपरेशनल सेक्शन के पांच स्टेशनों पर सफर कर सकते हैं। हालांकि खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी यात्रियों के लिए नहीं खुला है।

पांचों स्टेशन इस प्रकार हैं — न्यू आईएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक (उद्घाटन हुआ लेकिन ट्रेन नहीं रुकती) और मलाही पकरी। कुल ऑपरेशनल नेटवर्क अब 6.2 किलोमीटर हो गया है।

खेमनीचक — उद्घाटन हुआ पर अभी इंतजार

खेमनीचक स्टेशन का उद्घाटन तो हो चुका है लेकिन वहां निर्माण का कुछ काम अभी बाकी है। यह स्टेशन जल्द ही यात्रियों के लिए खुलेगा और उसके बाद पूरा 6.5 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

खेमनीचक की खासियत यह है कि यह भविष्य में Red Line और Blue Line दोनों का इंटरचेंज स्टेशन बनेगा। यानी यहां से यात्री दानापुर और पटना जंक्शन दोनों दिशाओं में जा सकेंगे।

Blue Line का किराया और टाइमिंग

अभी के लिए किराया इस प्रकार है:

रूट किराया
न्यू आईएसबीटी → जीरो माइल ₹10
न्यू आईएसबीटी → भूतनाथ ₹15
न्यू आईएसबीटी → मलाही पकरी ₹30
भूतनाथ → मलाही पकरी ₹15

मेट्रो सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलती है। हर करीब 35 मिनट पर ट्रेन मिलती है और रोजाना 22 ट्रिप होते हैं।

जमीन के नीचे — TBM की 7वीं कामयाबी

जो दिखता है वो तो बस ऊपरी हिस्सा है। असली काम तो जमीन के नीचे हो रहा है।

पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने Blue Line के अंडरग्राउंड सेक्शन पर TBM (Tunnel Boring Machine) मशीनों का सातवां ब्रेकथ्रू हासिल किया है। यह शहर के घने केंद्रीय इलाकों के नीचे चल रहे भूमिगत कार्यों का हिस्सा है जिसमें छह भूमिगत स्टेशन बनाए जाने हैं।

चार टनल बोरिंग मशीनें सक्रिय रूप से शहर के नीचे काम कर रही हैं। 12 किलोमीटर से अधिक सुरंग पहले ही बन चुकी है और बाकी दो किलोमीटर साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग कंपनियों को PMRC की तरफ से सभी अंडरग्राउंड स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट स्ट्रक्चर डिजाइन करने की जिम्मेदारी दी गई है।

Blue Line — पूरा नेटवर्क और भविष्य

Malahi Pakri के आगे Blue Line का दूसरा चरण Rajendra Nagar से अंडरग्राउंड होकर उत्तर में पटना यूनिवर्सिटी की तरफ जाएगा और फिर पश्चिम में Gandhi Maidan होते हुए Patna Junction तक — यह हिस्सा 8.5 किलोमीटर का है जिसमें 7 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। (Pmrconline)

इन सात अंडरग्राउंड स्टेशनों में पटना जंक्शन, अकाशवाणी, गांधी मैदान, PMCH, पटना विश्वविद्यालय, मोइनुल हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर शामिल हैं। राजेंद्र नगर स्टेशन सबसे गहरा होगा — 21 मीटर जमीन के नीचे — क्योंकि इसके ऊपर रेलवे लाइन गुजरती है।

Red Line — पूरा रूट और मौजूदा स्थिति

Red Line यानी East-West Corridor करीब 16.86 किलोमीटर लंबी है जिसमें 9.36 किलोमीटर एलिवेटेड और 7.5 किलोमीटर अंडरग्राउंड है। यह Danapur Cantonment से Khemnichak तक जाएगी और इसमें 14 स्टेशन होंगे।

Red Line Khemnichak से शुरू होकर Mithapur की तरफ एलिवेटेड जाती है और फिर उत्तर में मुड़कर सुरंग में प्रवेश करती है। (Pmrconline)

Red Line पर आने वाले प्रमुख स्टेशन:
दानापुर कैंटोनमेंट → सगुना मोर → RPS मोर → पाटलिपुत्र → रुकनपुरा → राजा बाजार → पटना जू → विकास भवन → विद्युत भवन → पटना जंक्शन → मीठापुर → रामकृष्ण नगर → जगनपुरा → खेमनीचक

Red Line अभी पूरी तरह निर्माणाधीन है और 2027-28 तक चालू होने की उम्मीद है।

मलाही पकरी से आगे — Rajendra Nagar का काम

मलाही पकरी सेक्शन को अंडरग्राउंड मेट्रो टनल से जोड़ने वाले स्लैब का निर्माण फिलहाल जारी है जो Rajendra Nagar की तरफ जाएगा। यह काम Blue Line के दूसरे चरण की नींव तैयार कर रहा है।

पटना मेट्रो की तकनीक — जो इसे खास बनाती है

पटना मेट्रो CBTC यानी Communication-Based Train Control सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करती है जिससे ट्रेनें हर 3 से 5 मिनट पर चल सकती हैं। ट्रेनें Standard Gauge ट्रैक पर चलती हैं, तीन डब्बे हैं और एक साथ 1,000 से अधिक यात्री बैठ सकते हैं। अधिकतम रफ्तार 80 km/h है। (Construction World)

इसके अलावा डिपो में सोलर एनर्जी सिस्टम और वॉटर रिसाइकलिंग यूनिट लगाई जा रही हैं जिससे पटना मेट्रो पर्यावरण के लिहाज से भी एक जिम्मेदार प्रोजेक्ट बन रहा है।

पटना मेट्रो — आंकड़ों में पूरी तस्वीर

विवरण जानकारी
कुल नेटवर्क (फेज-1) 30.91 किलोमीटर
कुल स्टेशन 24
अभी ऑपरेशनल 6.2 KM, 4 एक्टिव स्टेशन
Blue Line कुल 14.45 KM, 12 स्टेशन
Red Line कुल 16.86 KM, 14 स्टेशन
TBM ब्रेकथ्रू 7 (जुलाई 2026 तक)
सुरंग तैयार 12+ किलोमीटर
कुल लागत ₹13,365 करोड़
JICA जापान लोन ₹5,509 करोड़ (60%)
किराया ₹10 से ₹30 (अभी)
Red Line चालू होने की उम्मीद 2027-28
फेज-1 पूरा 2030 तक

पटना वालों को क्या फायदा?

2026 के अंत तक पटना मेट्रो से रोजाना 2 लाख से अधिक यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। (Construction World)

कंकड़बाग, बाईपास रोड, भूतनाथ और मलाही पकरी जैसे घने इलाकों के लोगों को अब रोज के ट्रैफिक जाम से राहत मिलने लगी है। जब Red Line और Blue Line का अंडरग्राउंड हिस्सा भी चालू होगा तब दानापुर से खेमनीचक, पटना जंक्शन से ISBT — पूरे शहर में बिना जाम मेट्रो से आना-जाना संभव हो जाएगा।

निष्कर्ष

जुलाई 2026 में पटना मेट्रो जहां खड़ी है वो सिर्फ एक शुरुआत है। ऊपर से नया स्टेशन खुला, जमीन के नीचे TBM काम कर रही है, Red Line पर निर्माण जोरों पर है और CM खुद पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। 2030 तक जब पूरा फेज-1 तैयार होगा तो पटना देश के उन शहरों में शामिल होगा जहां मेट्रो सच में जिंदगी बदलती है।

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. जुलाई 2026 में पटना मेट्रो पर कितने स्टेशन चालू हैं? जुलाई 2026 में 4 स्टेशन पर ट्रेन रुकती है — न्यू आईएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ और मलाही पकरी। खेमनीचक का उद्घाटन हो चुका है लेकिन ट्रेन अभी वहां नहीं रुकती।
Q2. पटना मेट्रो Red Line कब चालू होगी? Red Line पूरी तरह निर्माणाधीन है और 2027-28 तक चालू होने की उम्मीद है। इसमें दानापुर से खेमनीचक तक 14 स्टेशन होंगे।
Q3. पटना मेट्रो का किराया अभी कितना है? न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ तक ₹15 और पूरे रूट यानी न्यू आईएसबीटी से मलाही पकरी तक ₹30 किराया है।
Q4. पटना मेट्रो में कितनी TBM मशीनें काम कर रही हैं? 4 TBM मशीनें एक साथ पटना की जमीन के नीचे सुरंग बना रही हैं। जुलाई 2026 तक 7वां TBM ब्रेकथ्रू पूरा हो चुका है।
Q5. पटना मेट्रो फेज-1 कब पूरा होगा? पूरे 30.91 किलोमीटर नेटवर्क और 24 स्टेशनों के साथ फेज-1 के 2030 तक पूरा होने का अनुमान है।
Q6. सगुना मोर से पटना जंक्शन मेट्रो से कैसे जाएं? अभी सगुना मोर पर Red Line का स्टेशन बन रहा है जो 2027-28 तक चालू होगा। फिलहाल ऑटो या बस से न्यू आईएसबीटी जाएं और वहां से Blue Line लें।
Q7. पटना मेट्रो रोजाना कितने यात्री ले जाती है? 2026 के अंत तक रोजाना 2 लाख से अधिक यात्रियों के मेट्रो से सफर करने की उम्मीद है।