Summary: पटना मेट्रो Corridor-2 की 7.8 KM में से 7.4 KM टनलिंग पूरी हो चुकी है। सिर्फ 400 मीटर टनल बाकी है। DMRC द्वारा ₹327.96 करोड़ का E&M टेंडर, मीठापुर-खेमनीचक ट्रैक टेंडर और स्टेशन फिनिशिंग के काम एक साथ जारी किए गए हैं।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- टनलिंग 95% पूरी: Corridor-2 (Blue Line) के 7.8 KM में से 7.4 KM टनल बनकर तैयार, सिर्फ 400 मीटर काम शेष।
- ₹328 करोड़ E&M टेंडर: अंडरग्राउंड स्टेशनों के इलेक्ट्रिकल, एसी, टनल वेंटिलेशन और बीएमएस सिस्टम के लिए ₹327.96 Cr टेंडर जारी।
- ट्रैक बिछाने का टेंडर: मीठापुर से खेमनीचक एलिवेटेड रूट पर ₹16.92 Cr बैलेस्टलेस ट्रैक टेंडर निकाला गया।
- स्टेशन फिनिशिंग: मीठापुर, रामकृष्ण नगर और जगनपुरा में ₹52.02 Cr लागत से आर्किटेक्चरल फिनिशिंग शुरू।
- खेमनीचक स्टेशन: इंटरचेंज स्टेशन अब नवंबर 2026 में खुलेगा, प्रायोरिटी कॉरिडोर पूरी तरह चालू होगा।
- नया अंडरग्राउंड काम: मीठापुर-रुकनपुरा (Corridor-1) के 10.5 KM अंडरग्राउंड सेक्शन का काम शुरू।
अगर आप सोच रहे हैं कि पटना मेट्रो अभी किस मोड़ पर है — तो जवाब यह है कि यह प्रोजेक्ट इस वक्त अपनी सबसे तेज रफ्तार पर है। जमीन के नीचे टनल लगभग पूरी हो चुकी है, तीन बड़े टेंडर एक साथ जारी हुए हैं और मंत्री से लेकर इंजीनियर तक सभी एक ही लक्ष्य पर फोकस हैं — पटना को जल्द से जल्द एक मजबूत मेट्रो नेटवर्क देना।
सबसे बड़ी खबर — Corridor-2 की टनल 95% पूरी
पटना मेट्रो के Corridor-2 यानी Blue Line के अंडरग्राउंड हिस्से में एक बड़ी कामयाबी मिली है। मलाही पकरी रैंप से राजेंद्र नगर और आगे अकाशवाणी तक के 7.8 किलोमीटर के भूमिगत खंड में से 7.4 किलोमीटर की टनलिंग पूरी हो चुकी है।
सोचिए — पूरा काम कितना आगे बढ़ चुका है। अब सिर्फ 400 मीटर की टनल बाकी है। यह पूरे खंड का सिर्फ 5% से भी कम है।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने खुद कहा है कि काम दोनों हिस्सों पर — भूमिगत और एलिवेटेड — तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इस अंडरग्राउंड खंड का पूरा सिविल काम अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस भूमिगत स्ट्रेच में 6 अंडरग्राउंड स्टेशन जुड़ेंगे — राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, PMCH, गांधी मैदान और अकाशवाणी। ये सभी स्टेशन पटना के सबसे व्यस्त और अहम इलाकों में हैं।
₹327.96 करोड़ का E&M टेंडर — अंडरग्राउंड स्टेशनों में लगेगा पूरा इलेक्ट्रिकल सिस्टम
18 अगस्त 2026 को एक और बड़ा टेंडर जारी हुआ। DMRC ने पटना मेट्रो के Corridor-2 के अंडरग्राउंड स्टेशनों के लिए E&M यानी Electrical & Mechanical काम का टेंडर निकाला है। इस काम की अनुमानित लागत है ₹327.96 करोड़ और इसे 24 महीने में पूरा करना होगा।
E&M काम का मतलब क्या होता है? यह वो सब काम है जो एक स्टेशन को सिर्फ एक कंक्रीट के ढांचे से एक काम करने वाले मेट्रो स्टेशन में बदलता है। जिस ठेकेदार को यह काम मिलेगा उसे करना होगा:
- बिजली और यांत्रिक प्रणाली का डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग
- DG सेट — पावर कट के दौरान बैकअप के लिए
- Environment Control System — स्टेशन के अंदर तापमान और हवा नियंत्रण
- Tunnel Ventilation System — सुरंग के अंदर हवा का प्रबंधन
- Building Management System — पूरे स्टेशन के सिस्टम की डिजिटल निगरानी
यह टेंडर इस बात का संकेत है कि DMRC पहले से तैयारी कर रही है। सिविल काम के पूरा होने से पहले ही E&M का टेंडर निकालना मतलब है कि दोनों काम साथ-साथ आगे बढ़ेंगे और कोई देरी नहीं होगी।
मीठापुर से खेमनीचक — ट्रैक बिछाने का टेंडर जारी
20 अगस्त 2026 को एक और महत्वपूर्ण टेंडर सामने आया। DMRC ने मीठापुर नल पॉइंट से खेमनीचक तक के एलिवेटेड सेक्शन पर बैलेस्टलेस Standard Gauge Track लगाने का टेंडर निकाला है। इस काम की अनुमानित लागत है ₹16.92 करोड़ और इसे 8 महीने में पूरा करना है।
बिड जमा करने की अंतिम तारीख 28 सितंबर 2026 है।
बैलेस्टलेस ट्रैक वो ट्रैक होता है जो पत्थर की गिट्टी के बिना बना होता है। यह आधुनिक मेट्रो में इस्तेमाल होता है क्योंकि यह ज्यादा टिकाऊ होता है, रखरखाव कम चाहिए और ट्रेन इस पर ज्यादा आराम से चलती है।
यह टेंडर Red Line के मीठापुर-खेमनीचक स्ट्रेच के लिए है जो जून 2027 तक चालू होने वाला है।
मीठापुर, रामकृष्ण नगर, जगनपुरा — स्टेशन फिनिशिंग का टेंडर
30 जुलाई 2026 को DMRC ने पटना मेट्रो Phase-1 के लिए एक और टेंडर जारी किया था। इसमें दो काम शामिल हैं:
- पहला: 7 एलिवेटेड स्टेशनों पर Pre-Engineered Building (PEB) काम: दानापुर, सगुना मोर, RPS मोर, पाटलिपुत्र, मीठापुर, रामकृष्ण नगर और जगनपुरा।
- दूसरा: 3 स्टेशनों पर आर्किटेक्चरल फिनिशिंग: मीठापुर, रामकृष्ण नगर और जगनपुरा। इसमें पानी की सप्लाई, सैनिटरी इंस्टॉलेशन, ड्रेनेज और साइट डेवलपमेंट का काम शामिल है। इस पूरे काम की अनुमानित लागत है ₹52.02 करोड़।
मतलब यह है कि जो स्टेशन अभी सिर्फ स्ट्रक्चर हैं, वो अब अंदर से भी तैयार होने लगेंगे।
खेमनीचक — अब नवंबर 2026 में खुलेगा
एक अपडेट यह भी है कि खेमनीचक स्टेशन को पहले अक्टूबर में खोलने की बात थी लेकिन अब इसे नवंबर 2026 में यात्रियों के लिए खोला जाएगा। फिलहाल खेमनीचक एक पास-थ्रू स्टेशन है यानी ट्रेन वहां से गुजरती है लेकिन रुकती नहीं।
खेमनीचक के खुलते ही यह Blue Line और Red Line दोनों का इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा और पूरा 6.5 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
Mithapur-Rukanpura भूमिगत खंड — 10.5 KM का नया काम शुरू
एक और बड़ी खबर। मीठापुर से रुकनपुरा के बीच नेहरू पथ के नीचे 10.5 किलोमीटर के भूमिगत खंड का निर्माण शुरू हो गया है। इसमें 6 स्टेशन होंगे जो Red Line यानी Corridor-1 के अंडरग्राउंड हिस्से का हिस्सा होंगे।
यह खंड उन इलाकों से गुजरेगा जो अभी पटना के सबसे व्यस्त हिस्सों में हैं — रुकनपुरा, राजा बाजार, पटना जू, विकास भवन और विद्युत भवन।
पटना मेट्रो सितंबर 2026 — पूरा टाइमलाइन एक नजर में
| क्या काम | स्थिति / लक्ष्य |
|---|---|
| Corridor-2 टनलिंग | 7.4/7.8 KM पूरी (400m बाकी) |
| Civil Work पूरा होने का लक्ष्य | अक्टूबर 2026 |
| खेमनीचक स्टेशन खुलेगा | नवंबर 2026 |
| E&M टेंडर (₹327.96 Cr) | 18 Aug 2026 को जारी |
| ट्रैक टेंडर मीठापुर-खेमनीचक | 20 Aug 2026, बिड 28 Sep |
| स्टेशन फिनिशिंग टेंडर (₹52.02 Cr) | 30 Jul 2026 को जारी |
| मीठापुर-रुकनपुरा भूमिगत काम | शुरू हो गया (10.5 KM) |
| मीठापुर-खेमनीचक रूट चालू | जून 2027 |
| मलाही पकरी-PJ खंड चालू | 2028 |
| पूरा नेटवर्क | 2030 |
यह सब एक साथ क्यों हो रहा है?
पटना मेट्रो पर तीन बड़े टेंडर एक महीने में — यह कोई इत्तेफाक नहीं है। DMRC जानबूझकर इन सभी कामों को एक साथ आगे बढ़ा रही है ताकि जैसे ही सिविल काम पूरा हो, सिस्टम का काम तुरंत शुरू हो सके। ट्रैक बिछाना, बिजली का काम और स्टेशन फिनिशिंग — अगर ये सब साथ-साथ चलेंगे तो 2027-28 की डेडलाइन पूरी होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा का खुद काम की निगरानी करना और मंत्रालय स्तर पर फंड की मंजूरी — यह सब मिलकर बता रहे हैं कि इस बार पटना मेट्रो सिर्फ बातों में नहीं, जमीन पर भी उतनी ही तेज है।
पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
निष्कर्ष
सितंबर 2026 पटना मेट्रो के लिए एक बेहद व्यस्त महीना रहा है। जमीन के नीचे टनल अपने आखिरी 400 मीटर पर है, ऊपर स्टेशनों की फिनिशिंग शुरू हो रही है, ट्रैक बिछाने का काम टेंडर हो गया है और ₹327 करोड़ का E&M काम भी जल्द शुरू होगा।
पटना मेट्रो अब उस मोड़ पर है जहां हर महीने कुछ न कुछ नया दिखेगा। और 2030 तक जब पूरा नेटवर्क चालू होगा तो यह वही मेट्रो होगी जिसकी नींव आज इन्हीं टेंडरों और टनलों के जरिए रखी जा रही है।