Summary: पटना मेट्रो में अगले तीन महीनों (अक्टूबर से दिसंबर 2026) में बड़े बदलाव होने वाले हैं। खेमनीचक इंटरचेंज नवंबर में यात्रियों के लिए खुलेगा, 6 बोगी की 3 नई ट्रेनें दिसंबर में आएंगी, Corridor-2 का अंडरग्राउंड सिविल काम पूरा होगा और 2028 तक पूरा अंडरग्राउंड सेक्शन चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

📌 मुख्य बातें एक नज़र में

  • अक्टूबर 2026: Corridor-2 अंडरग्राउंड का पूरा सिविल काम (7.8 KM) संपन्न होगा।
  • नवंबर 2026: खेमनीचक इंटरचेंज स्टेशन खुलेगा, 6.5 KM प्रायोरिटी कॉरिडोर पूरी तरह चालू होगा।
  • दिसंबर 2026: Pune से 3 नई 6 बोगी (Titagarh) ट्रेनें पटना पहुंचेंगी, क्षमता 940 से 1,800 यात्री होगी।
  • ₹63 करोड़ लीज: नई 6 बोगी ट्रेनों को ₹63 करोड़ में लीज पर लिया जाएगा।
  • जून 2027: खेमनीचक-मीठापुर एलिवेटेड रूट (3.1 KM) चालू होने की उम्मीद।
  • दिसंबर 2028: Blue Line Phase 2 (पटना जंक्शन से राजेंद्र नगर 8.45 KM) का लक्ष्य।
  • 2030 लक्ष्य: पूरा 32.5 KM Phase 1 नेटवर्क तैयार होगा।

अगर आप पटना मेट्रो के नियमित यात्री हैं या बस इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखते हैं तो अगले तीन महीने आपके लिए सबसे रोमांचक होने वाले हैं। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच पटना मेट्रो में एक साथ कई बड़े बदलाव आने वाले हैं जो इस पूरे नेटवर्क को एक नए स्तर पर ले जाएंगे।

खेमनीचक स्टेशन खुलेगा। तीन नई ट्रेनें पटना पहुंचेंगी। ट्रेन की क्षमता लगभग दोगुनी होगी। और अंडरग्राउंड स्टेशनों पर सिस्टम का काम शुरू होगा।

एक-एक करके सब जानते हैं।

अक्टूबर 2026 — अंडरग्राउंड का सिविल काम पूरा होगा

सबसे पहले बात करते हैं उस काम की जो दिखता नहीं लेकिन सबसे ज्यादा अहम है। पटना मेट्रो के Corridor-2 के भूमिगत खंड में 7.4 किलोमीटर की टनलिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। सिर्फ 400 मीटर बाकी है।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने पुष्टि की है कि इस पूरे भूमिगत खंड का सिविल काम अक्टूबर 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद अगला चरण शुरू होगा — ट्रैक बिछाना, ओवरहेड बिजली लाइन लगाना, केबलिंग और सिग्नलिंग सिस्टम का काम।

इस भूमिगत खंड में छह स्टेशन हैं जो पटना के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में हैं — राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, PMCH, गांधी मैदान और अकाशवाणी।

सिविल काम पूरा होना एक मील का पत्थर है क्योंकि इसके बाद ही स्टेशनों को असली रूप मिलना शुरू होगा।

नवंबर 2026 — खेमनीचक इंटरचेंज खुलेगा, नेटवर्क 6.5 KM होगा

पटना मेट्रो के लिए नवंबर 2026 सबसे बड़ा महीना होगा। खेमनीचक इंटरचेंज स्टेशन — जो अभी तक पास-थ्रू स्टेशन है यानी ट्रेन वहां से गुजरती है लेकिन रुकती नहीं — वह अब यात्रियों के लिए खुलने वाला है।

खेमनीचक एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज पॉइंट है जो Corridor-1 यानी दानापुर से खेमनीचक और Corridor-2 यानी पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी दोनों को जोड़ेगा। इसके 2026 के अंत तक खुलने की उम्मीद है।

खेमनीचक खुलते ही पटना मेट्रो का 6.5 किलोमीटर का पूरा प्रायोरिटी कॉरिडोर यात्रियों के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा। यह तीन मंजिला स्टेशन है जहां भविष्य में Red Line और Blue Line के यात्री एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाकर ट्रेन बदल सकेंगे।

खेमनीचक के खुलने के बाद अभी पटना मेट्रो पर जो 20 मिनट की फ्रीक्वेंसी है वो भी धीरे-धीरे बेहतर होगी।

दिसंबर 2026 — 3 नई 6 बोगी ट्रेनें आएंगी, क्षमता लगभग दोगुनी होगी

दिसंबर 2026 वो महीना है जब पटना मेट्रो की ताकत सच में दोगुनी हो जाएगी।

पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड तीन नई ट्रेनें अपने बेड़े में शामिल करने वाली है। मौजूदा 3 कोच वाली ट्रेनों के विपरीत ये ट्रेनें 6 कोच वाली होंगी जिससे क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी। तीनों रेक दिसंबर 2026 तक पुणे से पटना पहुंचने की उम्मीद है। इन ट्रेनों को लगभग ₹63 करोड़ की संयुक्त लागत पर लीज पर लिया जाएगा।

ये ट्रेन सेट मूल रूप से Titagarh Rail Systems Limited ने पुणे मेट्रो के लिए बनाए थे। ये Corridor-1 यानी Red Line के एलिवेटेड हिस्सों पर चलेंगी। हर नई 6 कोच वाली ट्रेन में करीब 1,800 यात्री यानी बैठे और खड़े मिलाकर सफर कर सकते हैं। यह मौजूदा 3 कोच ट्रेनों की करीब 940 यात्रियों की क्षमता से लगभग दोगुना है।

और यह भी जान लीजिए कि 3 कोच वाली ट्रेन जो अभी पटना मेट्रो में चल रही है वो भी पुणे मेट्रो से तीन साल के लिए लीज पर ली गई थी। मध्य 2025 में बिहार कैबिनेट ने उस लीज के लिए ₹21.15 करोड़ मंजूर किए थे।

यानी पटना मेट्रो और पुणे मेट्रो का यह दूसरा बड़ा सहयोग है। अच्छा संबंध, अच्छे नतीजे।

2026 के बाद — 2027 और 2028 का रोडमैप

अगले तीन महीनों के बाद भी काम रुकेगा नहीं। आगे का रोडमैप इस प्रकार है:

  • जून 2027 — खेमनीचक-मीठापुर रूट चालू होगा: खेमनीचक-मीठापुर हिस्से के अगले साल यानी 2027 में खुलने की उम्मीद है जिससे शहर में मेट्रो कनेक्टिविटी और बढ़ेगी। इस रूट में मीठापुर, रामकृष्ण नगर और जगनपुरा के नए स्टेशन होंगे।
  • दिसंबर 2028 — Blue Line Phase 2 का लक्ष्य: Blue Line के दूसरे चरण यानी पटना जंक्शन से राजेंद्र नगर तक के 8.45 किलोमीटर के भूमिगत खंड के दिसंबर 2028 तक चालू होने की उम्मीद है।
  • 2027-28 — Red Line का बड़ा हिस्सा: पूरी Red Line के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसमें दानापुर कैंटोनमेंट से खेमनीचक तक के 14 स्टेशन होंगे।
  • 2030 — पूरा फेज-1 तैयार: Phase 1 के 2030 तक पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।

Corridor-2 के सिस्टम काम की तैयारी — E&M, ट्रैक और सिग्नलिंग

सिविल काम पूरा होते ही अंडरग्राउंड स्टेशनों पर सिस्टम का काम शुरू होगा। सिविल काम के पूरा होने के बाद प्रोजेक्ट सिस्टम चरण में जाएगा। इसमें ट्रैक बिछाना, ओवरहेड इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, केबलिंग और सिग्नलिंग काम शामिल होगा।

DMRC ने इसके लिए ₹327.96 करोड़ का E&M टेंडर पहले ही जारी कर दिया है। मीठापुर-खेमनीचक ट्रैक टेंडर भी जारी हो चुका है जिसकी बिड 28 सितंबर तक भरी जाएगी।

यानी एक तरफ जमीन के नीचे सिविल काम खत्म होगा और दूसरी तरफ सिस्टम काम शुरू होगा — दोनों साथ-साथ।

नेहरू पथ के नीचे भी शुरू हुआ नया काम

मीठापुर और रुकनपुरा के बीच नेहरू पथ के किनारे 10.5 किलोमीटर के भूमिगत खंड का निर्माण शुरू हो गया है। इस खंड में छह स्टेशन होंगे।

यह Red Line का सबसे महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड हिस्सा होगा जिसमें रुकनपुरा, राजा बाजार, पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन शामिल होंगे।

पटना मेट्रो — आगामी 18 महीनों का पूरा कैलेंडर

समय क्या होगा
अक्टूबर 2026 Corridor-2 सिविल काम पूरा
नवंबर 2026 खेमनीचक स्टेशन यात्रियों के लिए खुलेगा
दिसंबर 2026 3 नई 6 बोगी ट्रेनें पटना पहुंचेंगी
दिसंबर 2026 ट्रेन क्षमता 940 से 1,800 यात्री होगी
जून 2027 खेमनीचक-मीठापुर रूट चालू
2027-28 Red Line का अधिकांश हिस्सा चालू
दिसंबर 2028 Blue Line Phase 2 — PJ से राजेंद्र नगर
2030 पूरा 32.5 KM Phase 1 तैयार

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

खेमनीचक खुलने के बाद अगर आप मलाही पकरी से आते हैं तो खेमनीचक पर मेट्रो बदलकर भविष्य में Red Line पर दानापुर की तरफ भी जा सकेंगे।

6 बोगी ट्रेन आने के बाद पीक आवर में जो भीड़ होती है वो काफी हद तक कम होगी। अभी एक ट्रेन में 940 यात्री सफर करते हैं — नई ट्रेन में यह संख्या बढ़कर 1,800 हो जाएगी।

और जब 2028 में पटना जंक्शन का अंडरग्राउंड स्टेशन खुलेगा तो रेलवे स्टेशन से सीधे मेट्रो में बैठना संभव होगा — बिना बाहर निकले, बिना ऑटो पकड़े।

निष्कर्ष

अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2026 — ये तीन महीने पटना मेट्रो के इतिहास में सबसे व्यस्त और सबसे नतीजेदार महीने साबित होने वाले हैं। जमीन के नीचे काम पूरा होगा, एक नया स्टेशन खुलेगा और नई ट्रेनें आएंगी। यह सब मिलकर पटना मेट्रो को एक बेहतर, तेज और ज्यादा भरोसेमंद सिस्टम बनाएंगे।

2030 तक का सफर लंबा है लेकिन हर महीने एक नया पड़ाव तय हो रहा है।

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. खेमनीचक मेट्रो स्टेशन कब खुलेगा? खेमनीचक स्टेशन नवंबर 2026 में यात्रियों के लिए खोला जाएगा। अभी यह पास-थ्रू स्टेशन है जहां ट्रेन रुकती नहीं।
Q2. पटना मेट्रो में नई 6 बोगी ट्रेन कब आएगी? तीन नई 6 बोगी ट्रेनें दिसंबर 2026 तक पुणे से पटना पहुंचेंगी। इन्हें ₹63 करोड़ में 3 साल की लीज पर लिया जा रहा है।
Q3. नई 6 बोगी ट्रेन में कितने यात्री बैठ सकते हैं? एक 6 बोगी ट्रेन में बैठे और खड़े मिलाकर करीब 1,800 यात्री सफर कर सकते हैं। अभी की 3 बोगी ट्रेन में यह क्षमता 940 है।
Q4. पटना मेट्रो Blue Line Phase 2 कब चालू होगा? पटना जंक्शन से राजेंद्र नगर तक के 8.45 किलोमीटर के भूमिगत खंड यानी Blue Line Phase 2 के दिसंबर 2028 तक चालू होने की उम्मीद है।
Q5. पटना मेट्रो का Corridor-2 सिविल काम कब पूरा होगा? अक्टूबर 2026 तक Corridor-2 के अंडरग्राउंड खंड का पूरा सिविल काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद ट्रैक, सिग्नलिंग और E&M काम शुरू होगा।
Q6. पटना मेट्रो का पूरा Phase 1 कब तैयार होगा? पूरे 32.5 किलोमीटर के Phase 1 नेटवर्क के 2030 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
Q7. खेमनीचक-मीठापुर रूट कब शुरू होगा? खेमनीचक से मीठापुर तक का 3.1 किलोमीटर का नया एलिवेटेड रूट जून 2027 तक चालू होने का लक्ष्य है।