Summary: पटना मेट्रो निर्माण के कारण पटना स्मार्ट सिटी की कई सुविधाएं अस्थायी रूप से हटाई जा रही हैं। पटना जू का पेलिकन सिग्नल बंद, जंक्शन की डिस्प्ले स्क्रीन और इनकम टैक्स गोलंबर के कैमरे शिफ्ट होंगे।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- पटना जू (गेट नंबर 1): पैदल यात्रियों के लिए पेलिकन सिग्नल बटन सिस्टम बंद, पास का सार्वजनिक शौचालय तोड़ा गया।
- इनकम टैक्स गोलंबर: यातायात निगरानी के स्मार्ट CCTV कैमरे निर्माण क्षेत्र से दूसरी जगह शिफ्ट होंगे।
- पटना जंक्शन तिराहा: स्मार्ट सिटी की डिजिटल वीडियो मैसेज डिस्प्ले स्क्रीन हटाई जाएगी।
- औपचारिक मंजूरी: पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड से विधिवत अनुमति ली।
- भविष्य योजना: मेट्रो निर्माण पूरा होने के बाद सभी सुविधाएं बेहतर तरीके से पुनर्स्थापित की जाएंगी।
जब कोई बड़ा प्रोजेक्ट बनता है तो पहले से बनी चीजें रास्ते में आती हैं। पटना मेट्रो के साथ भी यही हो रहा है। निर्माण का दायरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, पटना स्मार्ट सिटी की कई सुविधाएं अस्थायी रूप से हटाई जा रही हैं।
तीन जगहों पर यह बदलाव सबसे ज्यादा दिखेगा — पटना जू के गेट नंबर 1 के पास, पटना जंक्शन तिराहे पर और इनकम टैक्स गोलंबर पर। यह खबर उन लोगों के लिए जरूरी है जो रोज इन रास्तों से गुजरते हैं।
पटना जू के पास पेलिकन सिग्नल हुआ बंद
नेहरू पथ पर पटना जू यानी चिड़ियाघर के गेट नंबर 1 के सामने एक खास सिग्नल सिस्टम लगा था जिसे पेलिकन सिग्नल कहते हैं। यह उन पैदल यात्रियों के लिए था जो जू के सामने से सड़क पार करना चाहते थे।
काम ऐसे होता था — पैदल यात्री एक बटन दबाता था, सिग्नल लाल होता था, गाड़ियां रुकती थीं और वो सुरक्षित सड़क पार कर लेता था। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और परिवार के साथ जू आने वाले लोगों के लिए यह बहुत उपयोगी था।
अब यह सिस्टम बंद कर दिया गया है। मेट्रो निर्माण की वजह से इस पूरी जगह का इस्तेमाल होगा और इसलिए पेलिकन सिग्नल को वहां से हटाया जाएगा।
जब तक निर्माण चलता रहेगा तब तक इस सड़क पर पैदल यात्रियों को खुद ही सावधानी से पार करना होगा। कोई बटन दबाने पर गाड़ियां नहीं रुकेंगी। इसलिए जू जाने वाले परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता रखनी होगी — खासकर बच्चों का हाथ पकड़कर रखें।
जू के पास का सार्वजनिक शौचालय भी तोड़ा गया
एक और बात जो इसी इलाके से जुड़ी है — पटना नगर निगम ने कुछ साल पहले इस जगह एक चकाचक शौचालय बनवाया था। यह जू आने वाले लोगों के लिए और आसपास से गुजरने वाले राहगीरों के लिए बहुत काम का था।
मेट्रो निर्माण के लिए जगह बनानी थी इसलिए यह शौचालय भी तोड़ दिया गया है। जब तक नया विकल्प नहीं बनता तब तक इस इलाके में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं मिलेगी। जू जाने वालों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
पटना जंक्शन तिराहे की डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन हटेगी
पटना जंक्शन के पास एक वीडियो मैसेज डिस्प्ले स्क्रीन लगी थी। यह स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाई गई थी और इस पर यातायात से जुड़े संदेश, जन-जागरूकता अभियान और जरूरी सूचनाएं दिखाई जाती थीं।
मेट्रो निर्माण क्षेत्र में यह स्क्रीन रास्ते में आ रही है इसलिए इसे भी हटाया जाएगा। जब निर्माण पूरा होगा तब इसे किसी उचित जगह पर फिर से लगाने की योजना है।
इनकम टैक्स गोलंबर के स्मार्ट कैमरे भी शिफ्ट होंगे
इनकम टैक्स गोलंबर पटना के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है। यहां मेट्रो निर्माण के लिए पहले ही बैरिकेडिंग शुरू हो चुकी है। अब इसी जगह पर स्मार्ट सिटी की ओर से यातायात निगरानी के लिए लगाए गए स्मार्ट CCTV कैमरे भी हटाए जाएंगे।
ये कैमरे निर्माण क्षेत्र के कारण अपनी पुरानी जगह पर नहीं रह सकते। इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
किसने दी मंजूरी और क्या है पूरी योजना?
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इन तीनों जगहों पर काम शुरू करने से पहले पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड से औपचारिक अनुमति ले ली है। यानी यह सब एक तय प्रक्रिया के तहत हो रहा है — कोई अनधिकृत काम नहीं है।
जो सुविधाएं हट रही हैं — पेलिकन सिग्नल, डिस्प्ले स्क्रीन, स्मार्ट कैमरे — इन सबको निर्माण पूरा होने के बाद उचित जगह पर फिर से लगाने की योजना है। यानी यह स्थायी नुकसान नहीं है। बस कुछ समय के लिए इन्हें हटाना जरूरी था।
पटना स्मार्ट सिटी — क्या था यह प्रोजेक्ट?
थोड़ा पीछे जाएं तो पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने पिछले कुछ सालों में शहर में कई आधुनिक सुविधाएं लगाई थीं:
- इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम — जिससे चौराहों पर ट्रैफिक को स्वचालित तरीके से नियंत्रित किया जाता था।
- स्मार्ट CCTV कैमरे — जो शहर के व्यस्त इलाकों में निगरानी के लिए लगाए गए थे।
- डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन — जो यातायात संदेश और जन-जागरूकता की जानकारी देती थीं।
- पेलिकन सिग्नल सिस्टम — जो पैदल यात्रियों को सुरक्षित सड़क पार करने में मदद करता था।
ये सभी सुविधाएं शहर को स्मार्ट बनाने की दिशा में अच्छे कदम थे। लेकिन मेट्रो एक उससे भी बड़ा बदलाव है जो शहर को और ज्यादा स्मार्ट बनाएगा। इसलिए अभी इन सुविधाओं को थोड़े समय के लिए पीछे हटना पड़ रहा है।
आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
जो लोग इन तीनों जगहों से रोज गुजरते हैं उनके लिए कुछ बातें जानना जरूरी है:
- पटना जू के पास — पैदल सड़क पार करते वक्त अब पेलिकन बटन का सहारा नहीं मिलेगा। खुद देखकर और सावधानी से पार करें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।
- इनकम टैक्स गोलंबर पर — स्मार्ट कैमरों के हटने से निगरानी थोड़ी कम होगी। लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तैनाती वहां पहले की तरह जारी रहेगी।
- पटना जंक्शन के पास — डिस्प्ले स्क्रीन न होने से यातायात संदेश उस जगह नहीं दिखेंगे। लेकिन ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस की व्यवस्था पहले की तरह रहेगी।
यह तकलीफ जरूरी क्यों है?
यह सवाल स्वाभाविक है कि इतनी अच्छी सुविधाएं क्यों हटाई जा रही हैं। जवाब सीधा है।
पटना की जमीन के नीचे मेट्रो स्टेशन और सुरंग बनाने के लिए एक बड़े और सुरक्षित निर्माण क्षेत्र की जरूरत होती है। इस दौरान ऊपर जो भी बुनियादी ढांचा होता है — चाहे वो पाइपलाइन हो, बिजली के खंभे हों, सिग्नल सिस्टम हो या कैमरे — उन्हें पहले हटाना या शिफ्ट करना पड़ता है।
यह काम पूरी दुनिया में हर मेट्रो प्रोजेक्ट में होता है। दिल्ली में हुआ, मुंबई में हुआ, बेंगलुरु में हुआ। अब पटना की बारी है।
और जब निर्माण पूरा होगा तो ये सुविधाएं वापस आएंगी — नई जगह पर, बेहतर तरीके से। और साथ में मेट्रो स्टेशन भी होगा जो इन इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा।
Red Line का यह इलाका — आगे क्या होगा?
पटना जू, इनकम टैक्स गोलंबर और पटना जंक्शन — ये तीनों जगहें Red Line (Corridor-1) पर पड़ती हैं। Red Line में पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन सभी अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे।
यानी जिन जगहों पर आज निर्माण के कारण असुविधा हो रही है, उन्हीं जगहों के नीचे से भविष्य में मेट्रो दौड़ेगी।
निष्कर्ष
पेलिकन सिग्नल, स्मार्ट कैमरे और डिजिटल स्क्रीन — ये सब छोटी-छोटी सुविधाएं थीं जिनकी हम आदत डाल चुके थे। इनका अस्थायी रूप से हटना थोड़ी असुविधा जरूर देगा। लेकिन जो बड़ी तस्वीर है उसमें यह एक छोटी सी कीमत है।
कुछ साल बाद इन्हीं जगहों के नीचे मेट्रो दौड़ रही होगी। और उस दिन यह सब याद भी नहीं रहेगा।