Summary: पटना में आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन के पास गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग और सड़क निर्माण के कारण अगले 15 दिनों तक ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी। नाट्य कला भवन के सामने सड़क का 2 मीटर हिस्सा अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- स्थान: पटना आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन (नाट्य कला भवन के सामने)।
- कारण: अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन निर्माण के तहत गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग एवं सड़क निर्माण।
- प्रभाव: नाट्य कला भवन के सामने 2 मीटर सड़क अस्थायी रूप से ब्लॉक।
- अवधि: लगभग 15 दिन।
- रूट स्थिति: स्वामी नंदन से बाटा मोड़ तक दोनों लेन खुली हैं, रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है।
- यातायात सलाह: निर्माण स्थल के पास गति धीमी रखें, पुलिस निर्देशों का पालन करें।
अगर आप पटना में आकाशवाणी के आसपास से रोज गुजरते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। अगले करीब 15 दिनों तक इस इलाके में ट्रैफिक की व्यवस्था थोड़ी बदली रहेगी और अगर पहले से पता नहीं होगा तो सुबह-शाम की भागदौड़ में काफी परेशानी हो सकती है।
दरअसल पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड निर्माण कार्य के सिलसिले में आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन के पास दो जरूरी काम एक साथ चल रहे हैं — गैस पाइपलाइन की शिफ्टिंग और सड़क निर्माण। इसी वजह से नाट्य कला भवन के सामने सड़क का करीब दो मीटर का हिस्सा अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पटना मेट्रो के Corridor-2 यानी Blue Line के अंडरग्राउंड खंड में आकाशवाणी एक अहम स्टेशन है। जब जमीन के नीचे मेट्रो स्टेशन और सुरंग बनाई जाती है तो जमीन के ऊपर मौजूद पुरानी बिजली लाइनें, पानी की पाइपें और गैस पाइपलाइनें रास्ते में आ जाती हैं। इन्हें पहले हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ता है। यही काम अभी आकाशवाणी के पास हो रहा है।
गैस पाइपलाइन को शिफ्ट करना एक नाजुक काम है जिसमें सुरक्षा के लिहाज से सड़क का कुछ हिस्सा रोकना जरूरी हो जाता है। इसीलिए नाट्य कला भवन के ठीक सामने करीब दो मीटर सड़क को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया गया है।
कितने दिन चलेगा यह काम?
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार यह पूरी व्यवस्था करीब 15 दिनों तक रहेगी। जैसे ही गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग और सड़क निर्माण का काम पूरा होगा, इस मार्ग पर ट्रैफिक की व्यवस्था पहले जैसी सामान्य हो जाएगी।
यह एक अस्थायी रुकावट है — मेट्रो निर्माण की एक जरूरी प्रक्रिया। परेशानी होगी जरूर लेकिन यह काम जितनी जल्दी पूरा होगा, आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन उतनी ही जल्दी यात्रियों के लिए तैयार होगा।
क्या पूरी तरह बंद है सड़क?
नहीं — सड़क पूरी तरह बंद नहीं है। ट्रैफिक पुलिस ने स्वामी नंदन से बाटा मोड़ तक दोनों लेन को वाहनों के लिए खुला रखने का निर्देश दिया है। यानी रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है, बस उस एक जगह थोड़ी सकड़ाहट जरूर रहेगी जहां निर्माण हो रहा है।
अगर आप इस रूट से गुजरते हैं तो नाट्य कला भवन के सामने वाले हिस्से में गाड़ी की रफ्तार थोड़ी कम कर लें। निर्माण स्थल के पास अचानक स्थिति बदल सकती है इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक पुलिस की सलाह
पटना ट्रैफिक पुलिस ने इस दौरान वाहन चालकों से कुछ जरूरी बातें मानने की अपील की है:
- पहला — निर्माण स्थल के पास गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें। काम चलते वक्त सड़क की स्थिति अचानक बदल सकती है।
- दूसरा — ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के इशारों और निर्देशों का पालन करें। वे वहां इसीलिए हैं कि कोई जाम या अव्यवस्था न हो।
- तीसरा — अगर इस रूट से बचा जा सकता है तो फिलहाल 15 दिन के लिए वैकल्पिक रास्ता अपनाएं। इससे खुद को भी परेशानी से बचाएंगे और दूसरों का रास्ता भी साफ रहेगा।
- चौथा — हॉर्न का अनावश्यक इस्तेमाल न करें। निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और इंजीनियरों को भी काम करने की जरूरत है।
आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन — क्यों है यह खास?
बहुत से लोगों को यह नहीं पता कि आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो के Corridor-2 पर छह अंडरग्राउंड स्टेशनों में से एक है। यह गांधी मैदान और पटना जंक्शन के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण स्टेशन होगा।
जब यह खुलेगा तो पटना के बीचोंबीच — जहां सबसे ज्यादा आबादी रहती है और जहां से रोज हजारों लोग गुजरते हैं — वहां मेट्रो की सुविधा मिलेगी।
अभी इस स्टेशन पर सिविल वर्क लगभग 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग जैसे काम पूरे होने के बाद बाकी की फिनिशिंग तेज होगी।
Blue Line के अंडरग्राउंड स्टेशन — कब तक होंगे तैयार?
आकाशवाणी समेत पटना मेट्रो के सभी सात अंडरग्राउंड स्टेशनों का काम नवंबर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है। इनमें शामिल हैं — राजेंद्र नगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, PMCH, गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन।
पटना जंक्शन से राजेंद्र नगर तक का पूरा भूमिगत खंड दिसंबर 2028 तक यात्रियों के लिए चालू होने की उम्मीद है।
टनल के मोर्चे पर भी काम तेज है। राजेंद्र नगर से मोइनुल हक स्टेडियम के बीच डाउन लाइन टनल पहले ही तैयार हो चुकी है। मोइनुल हक से पटना विश्वविद्यालय तक की दोनों टनल — अप और डाउन — पूरी हो चुकी हैं। अब काम पटना विश्वविद्यालय से PMCH होते हुए गांधी मैदान और आगे आकाशवाणी तक बढ़ रहा है।
यह छोटी-छोटी रुकावटें जरूरी हैं
यह बात समझना जरूरी है कि पटना जैसे घने शहर में जब जमीन के नीचे मेट्रो बनाई जाती है तो ऊपर कुछ न कुछ असर पड़ता ही है। सड़क का थोड़ा हिस्सा बंद होगा, ट्रैफिक थोड़ा धीमा होगा, कहीं बैरिकेड लगेंगे।
यह सब इसीलिए हो रहा है ताकि कुछ साल बाद उसी सड़क के नीचे से मेट्रो दौड़े और आप बिना जाम के मिनटों में अपनी मंजिल पर पहुंचें।
आकाशवाणी के पास यह 15 दिन की तकलीफ उसी बड़े बदलाव की एक छोटी कीमत है।
निष्कर्ष
अगर आप इन 15 दिनों में आकाशवाणी के आसपास से गुजरने वाले हैं तो थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलें। ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें और निर्माण स्थल के पास धीरे चलें।
काम जितनी जल्दी होगा, आकाशवाणी मेट्रो स्टेशन उतनी जल्दी बनकर तैयार होगा। और जिस दिन वह खुलेगा — उस दिन इन 15 दिनों की थोड़ी सी परेशानी याद भी नहीं रहेगी।