Summary: पटना मेट्रो निर्माण (अंडरग्राउंड टनल एवं स्टेशन) के मद्देनजर नेहरू पथ (बेली रोड) की एक लेन को 22 जून 2026 से बंद किया जा रहा है। यातायात पुलिस ने इसके लिए नया ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया है और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है।
अगर आप रोज इनकम टैक्स गोलंबर से पटेल भवन या गोल्फ क्लब की तरफ आना-जाना करते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है। पटना मेट्रो के निर्माण कार्य के चलते अब इस पूरे रूट पर ट्रैफिक व्यवस्था बदलने वाली है, और इसका असर शहर के एक बड़े हिस्से पर पड़ेगा।
दरअसल, मेट्रो स्टेशन और सुरंग बनाने के काम में अब तेजी आ गई है। इसी कड़ी में नेहरू पथ — जिसे ज्यादातर लोग बेली रोड के नाम से जानते हैं — पर बड़े बदलाव शुरू हो चुके हैं।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- आयकर चौराहे से पटेल भवन (गोल्फ क्लब) के बीच एक लेन 22 जून से पूरी तरह बंद रहेगी।
- 20 जून और 21 जून को ट्रैफिक व्यवस्था को जांचने के लिए दो ट्रायल किए जा रहे हैं।
- पटेल भवन से इनकम टैक्स वाली लेन में केवल निजी वाहनों को आने दिया जाएगा, भारी वाहनों की एंट्री बंद है।
- ऑटो और ई-रिक्शा को जीपीओ से हार्डिंग रोड होते हुए दानापुर की तरफ भेजा जाएगा।
- बेली रोड पर अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन और टनल का निर्माण कार्य करीब 3 साल तक चलने का अनुमान है।
आयकर चौराहे से पटेल भवन तक लेन बंद: पहले होगा ट्रायल
मेट्रो स्टेशन और ट्रैक बनाने के लिए आयकर चौराहे से गोल्फ क्लब यानी पटेल भवन के बीच नेहरू पथ की एक लेन 22 जून से पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। यानी इनकम टैक्स से पटेल भवन की तरफ जाने वाला रास्ता अब इस लेन से नहीं मिलेगा। इसके साथ ही, इनकम टैक्स गोलंबर से लेकर पटना जू तक भी सड़क के एक हिस्से पर बैरिकेडिंग का काम शुरू हो चुका है। प्रशासन की योजना के मुताबिक इस स्ट्रेच पर भी एक फ्लैंक पूरी तरह बंद रहेगा और वाहन सिर्फ दूसरी तरफ से ही गुजर सकेंगे।
प्रशासन ने सीधे लेन बंद करने की बजाय पहले इसे टेस्ट करने का फैसला किया है। इसके लिए दो ट्रायल रखे गए हैं:
- 20 जून (शनिवार), दिन 11 बजे: पहला ट्रायल रन
- 21 जून (रविवार), पीक आवर्स: दूसरा ट्रायल रन
इन दोनों ट्रायल के दौरान अधिकारी यह देखेंगे कि नए रूट पर ट्रैफिक का दबाव कैसा रहता है और कहां दिक्कतें आ सकती हैं। इसके बाद 22 जून से लेन को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ट्रैफिक एसपी (प्रभार) सतीश कुमार ने बताया कि व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।
ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों के लिए नया रूट डायवर्जन प्लान
पटेल भवन से इनकम टैक्स की तरफ आने वाली लेन में अब सिर्फ निजी वाहनों को ही जाने दिया जाएगा। मालवाहक गाड़ियों यानी ट्रकों और भारी वाहनों की इस लेन में पूरी तरह एंट्री बंद रहेगी। इसका मकसद है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर अनावश्यक दबाव न बने और हादसों की आशंका कम रहे।
रोज इस रूट पर चलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए भी नया रास्ता तय कर दिया गया है। ट्रैफिक एसपी के मुताबिक:
- ऑटो-ई-रिक्शा चालक जीपीओ से हार्डिंग रोड होते हुए दानापुर की तरफ जाएंगे।
- वहीं गांधी मैदान से कुर्जी वाला रास्ता भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- कुछ चालक चाहें तो इनकम टैक्स से मंदिरी नाला होते हुए गांधी मैदान-कुर्जी-दानापुर के रास्ते भी जा सकते हैं।
इन वैकल्पिक रूटों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल और नए पुलिस पोस्ट भी बनाए जाएंगे, ताकि शुरुआती दिनों में कोई बड़ी अव्यवस्था न हो।
ऑटो यूनियन की सहमति और संयुक्त निरीक्षण
यह दिलचस्प बात है कि प्रशासन ने इस पूरे प्लान को केवल सरकारी स्तर पर तय नहीं किया, बल्कि ऑटो यूनियन के लोगों को भी इसमें शामिल किया। 20 जून के ट्रायल के दौरान सभी प्रमुख यूनियन नेता, ट्रैफिक एसपी और ट्रैफिक डीएसपी मिलकर मौके पर मौजूद रहेंगे और खुद रूट का जायजा लेंगे।
इससे पहले हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मेट्रो अधिकारियों के साथ-साथ मुर्तजा अली, नवीन मिश्रा, नथुनी साव, जनक राय, पप्पू यादव, राजेश चौधरी, संजय कुमार सिंह, नवीन तिवारी और मुकेश कुमार जैसे यूनियन प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिसके बाद ही इस प्लान पर अंतिम मुहर लगी।
बेली रोड पर मेगा निर्माण — 3 साल तक रहेगा असर
नेहरू पथ यानी बेली रोड को पटना की लाइफलाइन कहा जाता है, और यहां अब मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने का बड़ा काम शुरू हो गया है। इनकम टैक्स गोलंबर से पटना जू तक कई जगहों पर बैरिकेडिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। डाइवर्जन के साइनबोर्ड सड़कों पर लग चुके हैं और निर्माण क्षेत्र को घेरने का काम जारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह काम कोई छोटा-मोटा काम नहीं है — अनुमान के मुताबिक मेट्रो स्टेशन और सुरंग बनाने में करीब तीन साल का वक्त लग सकता है। यानी पटना के लोगों को लंबे समय तक बदले हुए रास्तों पर ही सफर करना होगा।
| प्रभावित क्षेत्र / मार्ग | बदलाव व प्रतिबंध | वैकल्पिक मार्ग (Diversion) |
|---|---|---|
| इनकम टैक्स से पटेल भवन | 22 जून से वन-वे लेन बंदी | निजी वाहनों को केवल एक लेन, मालवाहक पूरी तरह प्रतिबंधित |
| ऑटो व ई-रिक्शा (दानापुर हेतु) | नेहरू पथ मुख्य लेन में प्रवेश बंद | जीपीओ - हार्डिंग रोड - दानापुर मार्ग / गांधी मैदान - कुर्जी मार्ग |
| इनकम टैक्स से पटना जू | आंशिक बैरिकेडिंग और संकुचन | मंदिरी नाला - गांधी मैदान - कुर्जी - दानापुर वैकल्पिक मार्ग |
| भारी वाहन (ट्रक/लोडर) | नेहरू पथ पर पूर्ण प्रतिबंध | बाईपास / बाहरी रिंग रोड मार्ग |
निष्कर्ष: भविष्य की सुगम यात्रा के लिए आज का बदलाव
पटना मेट्रो के विस्तार के साथ शहर को कुछ समय के लिए ट्रैफिक की असुविधा जरूर झेलनी पड़ रही है, लेकिन यह एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ता हुआ जरूरी कदम है। नेहरू पथ और बेली रोड पर अगले कुछ सालों तक डायवर्जन के साथ चलना होगा, लेकिन इसके बाद पटना को एक मजबूत और आधुनिक मेट्रो नेटवर्क मिलने वाला है, जो शहर के रोजमर्रा के सफर को हमेशा के लिए आसान बना देगा।