Summary: रेलवे PSU RITES Ltd को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से ₹79.22 करोड़ का कंसल्टेंसी ऑर्डर मिला है। 68 महीने के इस प्रोजेक्ट से RITES का मेट्रो पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। जानें पूरी डिटेल।

पटना मेट्रो के निर्माण से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे की सरकारी कंपनी RITES Ltd को पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी PMRC से एक अहम कंसल्टेंसी ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर पटना मेट्रो रेल कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट के इम्प्लीमेंटेशन के लिए दिया गया है और RITES के हिस्से का ऑर्डर 79.22 करोड़ रुपये का है।

यह काम 68 महीने यानी करीब साढ़े पांच साल में पूरा किया जाएगा। सुनने में यह आंकड़ा RITES की 9,400 करोड़ रुपये से ऊपर की कुल ऑर्डर बुक के मुकाबले छोटा लग सकता है, लेकिन इस ऑर्डर की असली अहमियत सिर्फ पैसों में नहीं मापी जा सकती।

RITES आखिर है क्या और क्यों अहम है यह ऑर्डर?

ज्यादातर लोग RITES को एक रेलवे कंपनी के रूप में जानते हैं। लेकिन पिछले एक दशक में इस कंपनी ने मेट्रो रेल सेक्टर में भी अपनी एक अलग पहचान बना ली है। यह कंपनी अब सिर्फ किसी प्रोजेक्ट की DPR यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने तक नहीं रही।

आज RITES किसी भी मेट्रो प्रोजेक्ट में शुरुआत से लेकर आखिर तक — योजना बनाना, डिजाइन तैयार करना, निर्माण की निगरानी, गुणवत्ता जांच और पूरे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट तक — सब कुछ संभालती है। यही वजह है कि देश के कई राज्य सरकारें और मेट्रो कॉर्पोरेशन नए प्रोजेक्ट में बार-बार RITES को ही जिम्मेदारी देते हैं।

पटना मेट्रो के मामले में भी यही हुआ। RITES ने पहले इस प्रोजेक्ट की DPR तैयार की थी जिसमें रूट, स्टेशन, लागत और तकनीकी पहलुओं का पूरा अध्ययन किया गया था। अब उसी कंपनी को निर्माण के दौरान इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यानी RITES अब पटना मेट्रो के काम की गुणवत्ता, समय-सीमा और तकनीकी निगरानी में सीधे तौर पर शामिल रहेगी।

RITES पहले किन-किन शहरों में कर चुकी है मेट्रो का काम?

पटना से पहले RITES देश के कई बड़े शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी है। यहां उन सात प्रमुख प्रोजेक्ट्स की बात करते हैं जो इस कंपनी के अनुभव को बयां करते हैं।

  1. अहमदाबाद मेट्रो: अहमदाबाद मेट्रो में RITES ने इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी सेवाएं दीं। इस प्रोजेक्ट के जरिए कंपनी ने पश्चिम भारत में अपनी तकनीकी क्षमता को साबित किया और शहरी परिवहन में अपना अनुभव बढ़ाया।
  2. बेंगलुरु मेट्रो: बेंगलुरु मेट्रो को देश की सबसे जटिल मेट्रो परियोजनाओं में गिना जाता है। इसमें RITES जनरल कंसल्टेंट कंसोर्टियम का हिस्सा रही और डिजाइन समीक्षा से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी निभाई।
  3. नागपुर मेट्रो: नागपुर मेट्रो में RITES ने जनरल कंसल्टेंट के रूप में काम किया। प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सरकार ने नागपुर मेट्रो फेज-3 की DPR बनाने की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी को दी। यह इस बात का सबूत है कि एक बार जिस सरकार या संस्था ने RITES पर भरोसा किया, वह दोबारा भी उसी की तरफ लौटती है।
  4. मुंबई मेट्रो लाइन-3: मुंबई मेट्रो लाइन-3 भारत के सबसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट में से एक मानी जाती है। इसमें भी RITES ने इंजीनियरिंग और तकनीकी कंसल्टेंसी सेवाएं दीं।
  5. चेन्नई मेट्रो फेज-II: चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के लिए RITES ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की। इसी रिपोर्ट के आधार पर रूट, स्टेशन, लागत और तकनीकी डिजाइन तय किए गए।
  6. गोरखपुर मेट्रो: उत्तर प्रदेश सरकार ने गोरखपुर मेट्रो की DPR बनाने की जिम्मेदारी RITES को सौंपी। इससे उत्तर भारत में भी कंपनी की मौजूदगी और मजबूत हुई।
  7. मेरठ मेट्रो: मेरठ मेट्रो दिल्ली-एनसीआर के रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क से जुड़ी परियोजना है। इसकी DPR भी RITES ने ही तैयार की, जिसमें विस्तृत तकनीकी अध्ययन की जरूरत थी।

कंपनी की ऑर्डर बुक कहां पहुंची है?

RITES की कुल ऑर्डर बुक FY26 के अंत तक 9,400 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच चुकी है। यह कंपनी के इतिहास में रिकॉर्ड स्तर है। इसमें रेलवे के अलावा मेट्रो, शहरी परिवहन, हाई-स्पीड रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का योगदान लगातार बढ़ रहा है।

मेट्रो प्रोजेक्ट्स की एक खास बात यह होती है कि ये 4 से 7 साल तक चलते हैं। इसका मतलब है कि एक बार ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी को कई साल तक स्थिर और नियमित आय मिलती रहती है। पटना मेट्रो का यह ऑर्डर भी 68 महीने का है जो कंपनी को आने वाले वर्षों तक एक भरोसेमंद कंसल्टेंसी इनकम देता रहेगा।

पटना मेट्रो के लिए क्यों अहम है RITES की यह भूमिका?

RITES की इस ऑर्डर में भागीदारी सिर्फ एक कंपनी के लिए नहीं, पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी अच्छी खबर है। जब किसी प्रोजेक्ट में एक ऐसी कंपनी हो जिसने पहले से मुंबई, बेंगलुरु और नागपुर जैसे जटिल मेट्रो प्रोजेक्ट्स में काम किया हो तो उस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर भरोसा बढ़ता है।

पटना मेट्रो पहले से ही तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। अंडरग्राउंड टनल का काम जारी है, कई स्टेशन तैयार हो रहे हैं और कुछ स्टेशन जल्द यात्रियों के लिए खुलने वाले हैं। ऐसे में RITES जैसी अनुभवी कंपनी का प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में शामिल होना पटना के लोगों के लिए एक और अच्छा संकेत है।

निष्कर्ष

RITES का पटना मेट्रो ऑर्डर एक ऐसे वक्त में आया है जब कंपनी अपने मेट्रो पोर्टफोलियो को तेजी से मजबूत कर रही है। सात शहरों में पहले से काम का अनुभव, रेकॉर्ड ऑर्डर बुक और अब पटना जैसे बड़े प्रोजेक्ट में शामिल होना — यह सब मिलकर RITES को देश में शहरी परिवहन कंसल्टेंसी का एक भरोसेमंद नाम बना रहे हैं। और पटना के लिए यह इस बात की गारंटी है कि मेट्रो प्रोजेक्ट सही हाथों में है।