Summary: 2 जुलाई 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री समरात चौधरी ने पटना मेट्रो के मलाही पकरी स्टेशन का उद्घाटन किया। मलाही पकरी सेक्शन के जुड़ने से पटना मेट्रो का नेटवर्क अब बढ़कर 6.2 किलोमीटर का हो गया है। पूरे रूट का किराया ₹30 तय किया गया है और खेमनीचक स्टेशन भी जल्द ही खुलने वाला है।
पटना के लोग जो सालों से इस पल का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए 2 जुलाई 2026 का दिन एक यादगार दिन बन गया। बिहार के मुख्यमंत्री समरात चौधरी ने उस दिन पटना मेट्रो के मलाही पकरी स्टेशन का उद्घाटन किया और खुद ट्रेन में बैठकर नए रूट पर सफर भी किया।
उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री नितीश मिश्रा, JD(U) नेता संजय सिंह और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद थे। यह सिर्फ एक स्टेशन का उद्घाटन नहीं था — यह पटना के लिए एक नई शुरुआत का संकेत था।
📌 मुख्य बातें एक नज़र में
- मलाही पकरी स्टेशन का उद्घाटन: 2 जुलाई 2026 को CM समरात चौधरी द्वारा किया गया।
- नेटवर्क का विस्तार: अब पटना मेट्रो का कुल ऑपरेशनल रूट 3.45 किमी से बढ़कर 6.2 किमी हो गया है।
- किराया: न्यू आईएसबीटी से मलाही पकरी तक का सफर मात्र ₹30 में पूरा होगा।
- यात्रा समय: मलाही पकरी से न्यू आईएसबीटी तक का पूरा सफर तय करने में 15 मिनट लगेंगे।
- खेमनीचक स्टेशन अपडेट: निर्माण कार्य पूरा होते ही इसे भी कुछ हफ्तों में खोल दिया जाएगा।
अब कितना बड़ा हो गया पटना मेट्रो का नेटवर्क?
इस उद्घाटन से पहले पटना मेट्रो सिर्फ 3.45 किलोमीटर के दायरे में चल रही थी — भूतनाथ से न्यू आईएसबीटी के बीच। मलाही पकरी सेक्शन जुड़ने के बाद अब यह नेटवर्क बढ़कर 6.2 किलोमीटर हो गया है।
यह विस्तार अक्टूबर 2025 में शुरू हुई पहली सेवा के सिर्फ आठ महीने बाद आया है, जो इस बात का सबूत है कि पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी PMRC काम को तेजी से आगे膊 रही है।
अभी किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन?
फिलहाल मेट्रो इन चार स्टेशनों पर रुकती है:
- न्यू आईएसबीटी (पाटलिपुत्र बस टर्मिनल)
- जीरो माइल
- भूतनाथ
- मलाही पकरी
खेमनीचक स्टेशन का उद्घाटन भले ही हो चुका है लेकिन वहां अभी निर्माण का कुछ काम बाकी है। इसलिए ट्रेन अभी खेमनीचक पर नहीं रुकती। अधिकारियों के मुताबिक यह स्टेशन अगले कुछ हफ्तों में यात्रियों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
किराया कितना है?
यह जानकारी कई यात्रियों के मन में थी और अब यह साफ है। पटना मेट्रो का किराया इस प्रकार है:
- न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ: ₹15
- न्यू आईएसबीटी से मलाही पकरी (पूरा रूट): ₹30
यानी शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक मात्र ₹30 में सफर — जो किसी भी ऑटो या कैब से काफी सस्ता और कहीं ज्यादा आरामदायक है।
यात्रा में कितना समय लगेगा?
मलाही पकरी से न्यू आईएसबीटी तक का पूरा सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा हो जाता है। एक राउंड ट्रिप में करीब 35 मिनट लगते हैं। नेटवर्क बढ़ने के बाद रोजाना ट्रिप की संख्या 24 से घटाकर 22 कर दी गई है क्योंकि ज्यादा दूरी में प्रत्येक ट्रिप में थोड़ा अधिक समय लगता है। ट्रेन हर करीब 35 मिनट पर उपलब्ध होती है।
कंकड़बाग और आसपास के इलाकों को सबसे बड़ा फायदा
मलाही पकरी, कंकड़बाग, जीरो माइल और बाईपास रोड — ये पटना के सबसे घने और ट्रैफिक से जूझते इलाके हैं। इन इलाकों के लोग हर सुबह और शाम घंटों जाम में फंसते थे। मेट्रो आने के बाद अब उनके पास एक तेज, भरोसेमंद और सस्ता विकल्प है।
PMRC के एक अधिकारी ने बताया कि यह विस्तार कंकड़बाग, जीरो माइल, मलाही पकरी और आसपास के इलाकों से आईएसबीटी की तरफ जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए सफर को पहले से कहीं आसान बनाएगा।
CM समरात की सख्त हिदायत — गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर नजर
उद्घाटन से कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री समरात चौधरी ने लोकसेवक आवास में पटना मेट्रो की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें शहरी विकास और आवास विभाग के साथ-साथ PMRC के अधिकारियों ने भाग लिया।
CM ने साफ शब्दों में कहा कि परियोजना के हर चरण के लिए एक स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए और उसके भीतर काम पूरा किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी हालत में समझौता नहीं होना चाहिए। जनता को निर्माण की वजह से जो असुविधा हो रही है उसे कम करने के लिए एक व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान बनाने के भी निर्देश दिए गए।
खेमनीचक — पटना मेट्रो का सबसे अहम स्टेशन जल्द खुलेगा
खेमनीचक स्टेशन अभी यात्रियों के लिए बंद है लेकिन यह जल्द बदलने वाला है। यह स्टेशन भविष्य में पटना मेट्रो का सबसे महत्वपूर्ण इंटरचेंज पॉइंट बनेगा जहां ब्लू लाइन (कॉरिडोर-2) और रेड लाइन (कॉरिडोर-1) दोनों आपस में मिलेंगी।
यानी खेमनीचक खुलते ही यात्री एक ही स्टेशन से पटना के दो अलग-अलग रूट पर जा सकेंगे — चाहे वो दानापुर जाना हो या पटना जंक्शन। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगा जो रोज लंबा सफर करते हैं।
पटना मेट्रो का पूरा नेटवर्क कब तक तैयार होगा?
पटना मेट्रो का फेज-1 कुल 30.91 किलोमीटर लंबा है जिसमें दो कॉरिडोर और 24 स्टेशन शामिल हैं। इसकी कुल लागत ₹13,365 करोड़ है जिसमें से ₹5,509 करोड़ जापान की JICA एजेंसी से लोन के रूप में आए हैं।
ब्लू लाइन (कॉरिडोर-2) 14.45 किलोमीटर लंबी है और पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी तक जाएगी। इसमें 12 स्टेशन होंगे जिनमें से कई अंडरग्राउंड हैं। अभी एलिवेटेड हिस्से पर सेवा चल रही है और अंडरग्राउंड हिस्से का निर्माण जोरशोर से जारी है।
रेड लाइन (कॉरिडोर-1) 16.86 किलोमीटर लंबी है और दानापुर कैंटोनमेंट से खेमनीचक तक जाएगी। यह रूट बेली रोड के 20 मीटर नीचे से गुजरेगा और इस पर 14 स्टेशन होंगे। पूरे फेज-1 के 2030 तक पूरा होने का अनुमान है।
अंडरग्राउंड काम — सुरंगें तेजी से आगे बढ़ रही हैं
जमीन के ऊपर जो हो रहा है वो तो दिखता है, लेकिन जमीन के नीचे जो हो रहा है वो उससे भी बड़ा है। पटना मेट्रो की TBM यानी टनल बोरिंग मशीनें शहर के घने इलाकों के नीचे लगातार काम कर रही हैं।
गांधी मैदान से अकाशवाणी स्टेशन तक का टनल काम अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। मोइनुल हक स्टेडियम से पटना यूनिवर्सिटी के बीच करीब 1.5 किलोमीटर का टनल पहले ही पूरा हो चुका है। अब काम पटना यूनिवर्सिटी से PMCH होते हुए गांधी मैदान तक आगे बढ़ रहा है।
जब ये सभी अंडरग्राउंड स्टेशन तैयार होंगे — पटना जंक्शन, अकाशवाणी, गांधी मैदान, PMCH, पटना यूनिवर्सिटी और राजेंद्र नगर — तब पटना मेट्रो सही मायनों में शहर की रीढ़ बन जाएगी।
नेहरू पथ पर बैरिकेडिंग — 3 साल का बड़ा निर्माण काम शुरू
अंडरग्राउंड स्टेशन बनाने के लिए नेहरू पथ यानी बेली रोड पर भी बड़ा काम शुरू हो चुका है। इनकम टैक्स गोलंबर से पटना जू तक कई जगहों पर बैरिकेडिंग हो चुकी है और 22 जून से एक लेन बंद है।
यह काम करीब तीन साल तक चलेगा। इस दौरान ट्रैफिक डायवर्जन जारी रहेगा, लेकिन जब काम पूरा होगा तो यही सड़क पटना के सबसे अच्छे मेट्रो कनेक्टेड इलाकों में गिनी जाएगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल नेटवर्क (फेज-1) | 30.91 किलोमीटर |
| कुल स्टेशन | 24 |
| अभी ऑपरेशनल | 6.2 किलोमीटर, 4 स्टेशन |
| कुल लागत | ₹13,365 करोड़ |
| JICA लोन | ₹5,509 करोड़ (60%) |
| किराया | ₹15 से ₹30 |
| ट्रेन की स्पीड | अधिकतम 80 km/h |
| रोजाना ट्रिप | 22 |
| ROUND TRIP समय | करीब 35 मिनट |
| फेज-1 पूरा होने का लक्ष्य | 2030 |
निष्कर्ष
2 जुलाई 2026 पटना के शहरी इतिहास में एक खास तारीख बन गई है। मलाही पकरी स्टेशन के खुलने से पटना मेट्रो ने एक और मील का पत्थर पार किया है। अब 6.2 किलोमीटर का नेटवर्क चालू है, खेमनीचक जल्द खुलने वाला है, अंडरग्राउंड काम तेजी से चल रहा है और CM खुद इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।
पटना को एक आधुनिक, तेज और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मिलना अब सिर्फ सपना नहीं रहा — यह धीरे-धीरे हकीकत बनता जा रहा है।